छत्तीसगढ़ में सुशासन का नया दौर : कागजों से निकलकर जनता के जीवन में पहुँच रही हैं योजनाएँ

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया है कि ‘गुड गवर्नेंस’ का असली पैमाना केवल सरकारी फाइलें नहीं, बल्कि आम जनता के जीवन में आने वाला सकारात्मक बदलाव है। नवा रायपुर में आयोजित ‘मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025-26’ समारोह के दौरान उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को जन-केंद्रित शासन की दिशा में काम करने की प्रेरणा दी।
इस गरिमामय कार्यक्रम में सुशासन और विभिन्न नवाचारों के लिए 5 विभागों और 5 जिलों को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार से नवाजा गया।
‘ई-प्रगति’ पोर्टल: बड़े निर्माण कार्यों की अब होगी डिजिटल निगरानी
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ई-प्रगति पोर्टल का लोकार्पण किया।
उद्देश्य: 25 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली सभी सरकारी निर्माण परियोजनाओं की सूक्ष्म निगरानी।
विशेषता: बजट आवंटन, मजदूरी भुगतान, निर्माण की गुणवत्ता और समय-सीमा की ट्रैकिंग अब सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) द्वारा की जाएगी।
लाभ: परियोजनाओं में पारदर्शिता आएगी और काम समय पर पूरे होंगे।
उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित जिले और उनके नवाचार
मुख्यमंत्री ने पाँच जिलों को उनके अनूठे प्रयासों के लिए सम्मानित किया:
जिला,नवाचार का नाम,मुख्य प्रभाव
दंतेवाड़ा,ब्लॉकचेन भूमि रिकॉर्ड,”भूमि संबंधी धोखाधड़ी रुकी, रिकॉर्ड मिलने का समय मिनटों में सिमटा।”
जशपुर,निर्माण जशपुर,16 विभागों के निर्माण कार्यों की रियल-टाइम डिजिटल मॉनिटरिंग।
मोहला-मानपुर,संवर्धित टेक-होम राशन,गंभीर कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य में 77.5% का सुधार।
गरियाबंद,एलीफेंट ट्रैकिंग ऐप,एआई (AI) तकनीक से हाथियों की लोकेशन ट्रैक कर जनहानि को शून्य किया।
नारायणपुर,इंटिफाई इंटेलिजेंस टूल,नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों के बीच बेहतर समन्वय।
पाँच विभागों को मिला सुशासन सम्मान
विकास कार्यों में तकनीक और पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए इन विभागों को पुरस्कृत किया गया:
शिक्षा विभाग: ‘विद्या समीक्षा केंद्र’ के जरिए 57 लाख छात्रों और शिक्षकों की डिजिटल निगरानी।
उद्योग विभाग: ‘सिंगल विंडो सिस्टम 2.0’ से निवेशकों को तेजी से क्लीयरेंस।
आबकारी विभाग: राजस्व संग्रह में पारदर्शिता के लिए एंड-टू-एंड डिजिटलीकरण।
वन विभाग: ‘ई-कुबेर’ प्रणाली से नक्सल क्षेत्रों में मजदूरों को सीधे और त्वरित भुगतान।
पंचायत विभाग: मनरेगा कार्यों की जानकारी के लिए क्यूआर (QR) कोड आधारित व्यवस्था।
भविष्य की योजना: ‘पहल’, ‘प्रेरणा’ और ‘हेल्पलाइन’
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य में नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए ‘पहल’ और ‘प्रेरणा’ जैसी योजनाएं शुरू की जा रही हैं। साथ ही, जनता की शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए जल्द ही ‘मुख्यमंत्री हेल्पलाइन’ सेवा भी शुरू होगी। उन्होंने बताया कि सरकारी कामकाज में तेजी लाने के लिए ‘ई-ऑफिस’ प्रणाली को अब जिला और संभाग स्तर तक विस्तारित किया जा रहा है।
“हमारा लक्ष्य है कि समाज के अंतिम व्यक्ति को बुनियादी सेवाओं के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। तकनीक हमारा हथियार है और सुशासन हमारा संकल्प।” – विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री
















