प्रदर्शन की आड़ में महिला आरक्षक से बर्बरता, 5 हमलावर पुलिस की गिरफ्त में

रायगढ़। रायगढ़ के तमनार में कोयला खदान के विरोध के दौरान संवेदनहीनता की सारी हदें पार हो गई। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि किस तरह भीड़ ने एक महिला पुलिसकर्मी को घेरकर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। मिली जानकारी के अनुसार, महिला कर्मी अपनी सुरक्षा के लिए मिन्नतें करती रही, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने उनके साथ झूमा-झपटी की और उनके कपड़ों को नुकसान पहुँचाया।
घटना का मुख्य कारण
यह पूरा विवाद गारे-पेलमा सेक्टर-1 कोयला खदान की जनसुनवाई से जुड़ा है। ग्रामीण पिछले कुछ समय से लिब्रा के सीएचपी चौक पर धरना दे रहे थे। 27 दिसंबर को जब प्रशासन ने अवरुद्ध मार्ग को बहाल करने की कोशिश की, तो स्थिति अनियंत्रित हो गई। ग्रामीणों और पुलिस के बीच हुई इस भिड़ंत ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें महिला आरक्षक को निशाना बनाया गया।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
घटना का वीडियो सामने आने के बाद रायगढ़ पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
पकड़े गए आरोपियों के नाम:
मंगल राठिया (आमगांव)
चिनेश खमारी (आमगांव)
प्रेमसिंह राठिया (आमगांव)
कीर्ति श्रीवास (आमगांव)
वनमाली राठिया (झरना)
पुलिस का बयान: “वीडियो फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के आधार पर अन्य दोषियों की पहचान की जा रही है। ड्यूटी पर तैनात लोक सेवक, विशेषकर महिला कर्मचारी के सम्मान से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।”
फिलहाल दो अन्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में पुलिस टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। प्रशासन ने इलाके में शांति बनाए रखने की अपील की है और मामले की उच्च स्तरीय जांच जारी है।
















