अग्रवाल समाज को स्कूल-हॉस्पिटल व कन्या विवाह पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता : बृजमोहन अग्रवाल

रायपुर। रायपुर के अग्रसेन धाम में आयोजित अग्रवाल सभा का दो दिवसीय ‘अग्र मंथन 2026’ और परिचय सम्मेलन रविवार को संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में समाज की मजबूती और भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई।
प्रमुख संबोधन: सांसद बृजमोहन अग्रवाल के सुझाव
समापन समारोह के मुख्य अतिथि सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने समाज को संबोधित करते हुए तीन मुख्य बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी:
संस्थागत विकास: समाज को उच्च स्तरीय स्कूल और अस्पतालों के निर्माण में निवेश करना चाहिए।
सामाजिक उत्तरदायित्व: कन्या विवाह और जरूरतमंद परिवारों की सहायता को प्राथमिकता देना आवश्यक है।
संस्कार और संस्कृति: उन्होंने बदलते समय के साथ आधुनिक होने के साथ-साथ बच्चों में नैतिक मूल्यों और संस्कारों को जीवित रखने पर बल दिया।
युवक-युवती परिचय सम्मेलन की झलकियाँ
सम्मेलन के दूसरे दिन वैवाहिक चर्चाओं का केंद्र रहा, जहाँ:
कुल 691 प्रत्याशियों ने अपना पंजीकरण कराया।
सभी युवक-युवतियों को मंच पर आकर अपना परिचय देने और जीवनसाथी की प्राथमिकताओं को साझा करने का अवसर मिला।
समाज में बढ़ते एकल परिवारों और आपसी दूरियों जैसे विषयों पर भी गंभीर चर्चा की गई।
भविष्य की बड़ी घोषणाएँ
समाज को एक सूत्र में पिरोने और प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए कुछ ठोस निर्णय लिए गए:
बायोडाटा सेंटर की स्थापना: महामंत्री मनमोहन अग्रवाल ने घोषणा की कि अग्रसेन भवन में अब विवाह योग्य युवक-युवतियों के लिए एक समर्पित बायोडाटा सेंटर संचालित होगा। इसी तर्ज पर राज्य के प्रत्येक जिले में केंद्र खोलने की योजना है।
राज्य स्तरीय महासभा का गठन: समाज की एकजुटता को नया आयाम देने के लिए ‘अग्रवाल महासभा’ के गठन को सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया।
संगठनात्मक एकता: कार्यक्रम में प्रदेश भर के लगभग 50 से अधिक अग्रवाल संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जिससे समन्वय बेहतर होने की उम्मीद है।
“इस तरह के मंथन कार्यक्रमों से न केवल समाज को नई दिशा मिलती है, बल्कि आपसी संगठन भी मजबूत होता है।”
— विजय अग्रवाल, अध्यक्ष
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया गया और भविष्य में समाज की सेवा के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प लिया गया।
















