सामूहिक एकता और शिक्षा से ही संभव है समाज का सर्वांगीण विकास : मंत्री लखन लाल देवांगन

दुर्ग। दुर्ग में देवांगन जनकल्याण समिति द्वारा आयोजित वार्षिक महोत्सव के दौरान कैबिनेट मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने माँ परमेश्वरी की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की प्रार्थना की। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने समाज के उत्थान के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
प्रमुख संबोधन और विचार
मंत्री जी ने अपने संबोधन में मुख्य रूप से तीन बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया:
संगठन की शक्ति: उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति उसकी एकता पर निर्भर करती है। संगठित समाज ही राजनीति, व्यापार और शासकीय सेवाओं में अपनी प्रभावी उपस्थिति दर्ज करा सकता है।
शिक्षा का महत्व: श्री देवांगन ने जोर देकर कहा कि बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाना समाज को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में पहला कदम है।
समावेशी विकास: प्रधानमंत्री के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के विजन का उल्लेख करते हुए उन्होंने समाज के हर वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ने की बात कही।
विशिष्ट अतिथियों के सुझाव
कार्यक्रम में अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष और दुर्ग ग्रामीण विधायक भी शामिल हुए। उन्होंने देवांगन समाज के योगदान की सराहना करते हुए कहा:
ऐतिहासिक योगदान: कोसा व्यापार, कृषि और वस्त्र निर्माण में देवांगन समाज का कौशल अतुलनीय है।
आर्थिक सुदृढ़ता: उन्होंने सुझाव दिया कि समाज को ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए जिससे कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि वाले मेधावी बच्चों की पढ़ाई न रुके।
रोजगार प्रदाता बनें: समाज का लक्ष्य केवल नौकरी पाना नहीं, बल्कि उद्योग और व्यापार के माध्यम से रोजगार पैदा करने वाला बनना चाहिए।
महिला सशक्तिकरण और सहभागिता
खादी ग्रामोद्योग के अध्यक्ष श्री राकेश पाण्डेय ने महिलाओं से आह्वान किया कि वे सरकारी योजनाओं का भरपूर लाभ उठाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं की भागीदारी के बिना सामाजिक प्रगति अधूरी है।
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इस भव्य आयोजन में देवांगन समाज के अध्यक्ष श्री पुराणिक लाल देवांगन सहित कमलेश देवांगन, संकटलाल देवांगन, अशोक देवांगन और भारी संख्या में सामाजिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
















