शौर्य और स्वाभिमान की प्रतिमूर्ति : रानी अवंती बाई लोधी को मुख्यमंत्री की भावभीनी श्रद्धांजलि

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम की महान नायिका रानी अवंती बाई लोधी की पुण्यतिथि पर उन्हें भावपूर्ण नमन किया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने रानी अवंती बाई के अदम्य साहस और देशप्रेम को याद करते हुए उन्हें भारतीय नारी शक्ति का सर्वोच्च प्रतीक बताया।
बलिदान और संघर्ष की गाथा
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि रानी अवंती बाई का जीवन वीरता और स्वाभिमान की एक अद्भुत मिसाल है। उन्होंने ब्रिटिश हुकूमत की अन्यायपूर्ण नीतियों के सामने झुकने के बजाय तलवार उठाना बेहतर समझा। मातृभूमि की रक्षा के लिए उनका अंतिम सांस तक संघर्ष करना आज भी हर भारतीय के मन में देशभक्ति का ज्वार पैदा करता है।
नारी शक्ति का जीवंत उदाहरण
श्री साय ने रानी अवंती बाई को सामाजिक चेतना का अग्रदूत बताते हुए कहा कि:
नेतृत्व क्षमता: उन्होंने न केवल महिलाओं को बल्कि पूरे समाज को एकजुट कर क्रांति की राह दिखाई।
प्रेरणा पुंज: उनका बलिदान हमें सिखाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं करना चाहिए।
ऐतिहासिक गौरव: भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में उनका नाम सदैव गौरव के साथ लिया जाएगा।
समाज के लिए संदेश
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से रानी अवंती बाई के आदर्शों को जीवन में उतारने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वीरांगनाओं की ये गौरव गाथाएं हमें राष्ट्र निर्माण और समाज के उत्थान के लिए समर्पित होने की शक्ति प्रदान करती हैं।
















