बजट पर अनिला भेड़िया का हमला : “आंकड़ों के मायाजाल में उलझी सरकार, जनता की उम्मीदें फिर टूटीं”

दल्ली राजहरा। डौंडी लोहारा की विधायक और पूर्व मंत्री अनिला भेड़िया ने हाल ही में पेश हुए केंद्रीय बजट की तीखी आलोचना की है। उन्होंने इस बजट को जनविरोधी बताते हुए कहा कि भाजपा सरकार केवल जुमलों की राजनीति कर रही है और देश की बुनियादी समस्याओं से उसका कोई सरोकार नहीं है।
पूर्व मंत्री ने बजट की खामियों को उजागर करते हुए निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर सरकार को घेरा:
युवाओं की अनदेखी: देश में बेरोजगारी का स्तर चिंताजनक है, लेकिन बजट में रोजगार सृजन को लेकर किसी भी स्पष्ट योजना या ठोस रोडमैप का अभाव है।
आर्थिक मंदी का खतरा: मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में गिरावट और विदेशी निवेशकों द्वारा भारतीय बाजार से हाथ खींचने जैसी गंभीर चुनौतियों पर बजट पूरी तरह खामोश है।
मध्यम वर्ग और किसानों पर बोझ: बढ़ती महंगाई के बीच मध्यम वर्ग की बचत कम हो रही है और किसान कर्ज के जाल में फंसे हैं। भेड़िया के अनुसार, सरकार ने इन वर्गों को राहत देने के बजाय केवल भाषणों से अपनी पीठ थपथपाई है।
संवेदनशीलता का अभाव: उन्होंने आरोप लगाया कि यह बजट विकास का ब्लूप्रिंट नहीं, बल्कि सरकार की आत्म-प्रशंसा का एक दस्तावेज है, जिसमें देश की वर्तमान जमीनी हकीकत को नजरअंदाज किया गया है।
“यह बजट शब्दों की बाजीगरी के अलावा और कुछ नहीं है। सरकार को आत्ममंथन करना चाहिए और केवल आंकड़ों में उलझने के बजाय कृषि, छोटे उद्योगों और आम जनता के लिए वास्तविक कदम उठाने चाहिए।” – अनिला भेड़िया
विधायक भेड़िया ने केंद्र सरकार से मांग की है कि वह अपनी काल्पनिक दुनिया से बाहर निकलकर बेरोजगारी और आर्थिक संकट जैसे वास्तविक मुद्दों पर गंभीरता दिखाए, ताकि देश के आम नागरिक को महंगाई और अनिश्चितता के दौर से बाहर निकाला जा सके।
















