विधानसभा बजट सत्र : पेश हो सकता है धर्मांतरण विधेयक, गृह मंत्री विजय शर्मा ने दी जानकारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में आगामी 23 फरवरी से हलचल बढ़ने वाली है, क्योंकि इसी दिन से विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो रहा है। कुल 15 बैठकों वाले इस सत्र में न केवल वित्तीय लेखा-जोखा पेश होगा, बल्कि कई महत्वपूर्ण विधायी कार्य भी संपन्न किए जाएंगे। इस बार सबसे अधिक चर्चा धर्मांतरण विरोधी विधेयक को लेकर है, जिसके सदन में आने की प्रबल संभावना है।
गृह मंत्री विजय शर्मा का बयान
सत्र की तैयारियों के बीच प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा ने स्पष्ट किया है कि सरकार विधायी कार्यों के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने मीडिया से चर्चा के दौरान संकेत दिए कि बजट सत्र में करीब 12 विधेयक पेश किए जा सकते हैं। धर्मांतरण विधेयक के सवाल पर उन्होंने कहा, “इस विषय पर गंभीरता से चर्चा चल रही है और पूरी संभावना है कि इसे इसी सत्र के दौरान सदन के पटल पर रखा जाए।”
आखिर क्यों महसूस हो रही है इस कानून की जरूरत?
राज्य में पिछले कुछ समय से धर्मांतरण का मुद्दा काफी गरमाया हुआ है। इस विधेयक को लाने के पीछे मुख्य रूप से निम्नलिखित कारण माने जा रहे हैं:
आदिवासी क्षेत्रों में बढ़ते मामले: बस्तर, जशपुर और रायगढ़ जैसे जनजातीय बहुल इलाकों से लगातार धर्मांतरण की खबरें आती रही हैं।
दबाव और प्रलोभन की शिकायतें: रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर जैसे शहरी क्षेत्रों से भी लोगों पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने या प्रलोभन देने के आरोप सामने आए हैं।
कानूनी स्पष्टता का अभाव: वर्तमान में प्रदेश में धर्मांतरण की प्रक्रिया को विनियमित करने के लिए कोई सख्त और स्पष्ट कानून मौजूद नहीं है, जिससे कानूनी पेचीदगियां बनी रहती हैं।
बजट सत्र का पूरा शेड्यूल
विधानसभा के इस महत्वपूर्ण सत्र की रूपरेखा कुछ इस प्रकार है:
तिथि, कार्यक्रम
22 फरवरी,भाजपा विधायक दल की रणनीतिक बैठक।
23 फरवरी,राज्यपाल रामेन डेका के अभिभाषण के साथ सत्र का आगाज।
24 फरवरी,राज्य का वार्षिक बजट पेश किया जाएगा।
सत्र के पहले दिन राज्यपाल के संबोधन के बाद औपचारिक कार्यवाही शुरू होगी। सत्ता पक्ष जहां विकास और कानून व्यवस्था के एजेंडे को आगे बढ़ाने की तैयारी में है, वहीं विपक्ष भी घेराबंदी के लिए तैयार नजर आ रहा है।
















