धान भंडारण में हेराफेरी पर गिरी गाज, केंद्र प्रभारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज

बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ जिले में धान खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और बिचौलियों पर लगाम कसने के लिए प्रशासन पूरी तरह सख्त हो गया है। इसी कड़ी में, कलेक्टर दीपक सोनी के मार्गदर्शन में हुई एक बड़ी कार्रवाई में धान खरीदी प्रभारी को पद का दुरुपयोग करने के आरोप में पुलिस के हवाले किया गया है।
भौतिक सत्यापन में खुली पोल
प्रशासनिक टीम द्वारा मनोहरा उपार्जन केंद्र का औचक निरीक्षण और भौतिक सत्यापन किया गया था। इस जांच के दौरान स्टॉक में भारी गड़बड़ी सामने आई। रिकॉर्ड की तुलना में मौके पर 124.80 क्विंटल (लगभग 313 बोरी) धान कम पाया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 2,95,651 रुपये आंकी गई है।
कानूनी कार्रवाई और एफआईआर
शासकीय संपत्ति की इस कमी को गंभीरता से लेते हुए, उपायुक्त सहकारिता के आदेश पर केंद्र प्रभारी ऋषि कुमार शर्मा के खिलाफ सख्त कदम उठाया गया है। आरोपी प्रभारी पर शासन को आर्थिक क्षति पहुँचाने और अमानत में खयानत करने के आरोप में 13 जनवरी 2026 को हथबंद थाने में एफआईआर (प्रथम सूचना रिपोर्ट) दर्ज कराई गई है।
प्रशासन की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति
जिला प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि धान खरीदी के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सख्त निगरानी: उपार्जन केंद्रों पर लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
पिछली कार्रवाई: हाल ही में नियमों के उल्लंघन पर एक राइस मिलर के विरुद्ध भी मामला दर्ज किया गया था।
चेतावनी: अवैध कार्यों में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति या अधिकारी के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।
















