बस्तर की बेटी जयंती कश्यप ने दिल्ली में बढ़ाया मान : ग्रामीण नेतृत्व के लिए हुईं सम्मानित

जगदलपुर। बस्तर जिले के जगदलपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत आड़ावाल की सरपंच, जयंती कश्यप, आज महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास का एक चमकता हुआ चेहरा बन चुकी हैं। हाल ही में उन्हें उनके बेहतरीन कार्यों और स्वच्छता के प्रति समर्पण के लिए राष्ट्रीय मंच पर सम्मानित किया गया है।
राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान
11 मार्च 2026 को ‘सशक्त पंचायत नेत्री अभियान’ के दौरान यूनिसेफ (UNICEF) के निमंत्रण पर जयंती कश्यप दिल्ली पहुँचीं। वहाँ केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने उन्हें ग्रामीण विकास में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया। हालांकि इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के 12 अन्य सरपंच भी शामिल थे, लेकिन जयंती कश्यप के जमीनी संघर्ष और कार्यकुशलता की विशेष रूप से सराहना की गई।
विकास के प्रति अटूट समर्पण
जयंती कश्यप ने अपनी पंचायत में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं:
स्वच्छता और जल प्रबंधन: उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन को केवल कागजों तक सीमित न रखकर धरातल पर उतारा है।
सामाजिक कल्याण: गरीबों को पक्का आवास दिलाने और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने में उनकी भूमिका अहम रही है।
जल संरक्षण: “पानी बचाओ” अभियान के जरिए उन्होंने ग्रामीणों को जल की महत्ता समझाई है।
पर्यावरण संरक्षण की अनूठी पहल
पर्यावरण को लेकर उनका विजन काफी स्पष्ट है। वे न केवल रेन वाटर हार्वेस्टिंग और सोखता गड्ढों के निर्माण पर जोर दे रही हैं, बल्कि किचन गार्डन के जरिए घर के इस्तेमाल किए हुए पानी (grey water) के पुन: उपयोग को भी बढ़ावा दे रही हैं। उनका मानना है कि आज की गई जल बचत ही आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित करेगी।
“मजबूत इच्छाशक्ति हो तो संसाधनों की कमी कभी विकास के आड़े नहीं आती।”
जयंती कश्यप की यह सफलता पूरे बस्तर संभाग के लिए गौरव की बात है। वे साबित कर रही हैं कि एक महिला नेतृत्व किस तरह ग्रामीण भारत की तस्वीर बदल सकता है।
















