छत्तीसगढ़

बस्तर की नई भोर : हिंसा के ‘लाल घेरे’ से खुशहाली के ‘हरित गलियारे’ तक का सफर

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 31 मार्च 2026 को राज्य के पूर्णतः माओवाद मुक्त होने पर प्रदेशवासियों को बधाई दी है। उन्होंने इस ऐतिहासिक उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दृढ़ नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की कुशल रणनीति और सुरक्षा बलों के अदम्य साहस को दिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह विजय केवल सत्ता की नहीं, बल्कि बस्तर की जनता के सामूहिक विश्वास और लोकतंत्र की जीत है।

नेतृत्व और संकल्प की विजय
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि 2015 में दंतेवाड़ा की धरती से प्रधानमंत्री ने शांति का जो आह्वान किया था, वह आज धरातल पर उतरा है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह को इस अभियान का मुख्य सूत्रधार बताया।

“श्री अमित शाह ने रायपुर की धरती पर 31 मार्च 2026 तक माओवाद के अंत का जो संकल्प लिया था, आज वह धरातल पर एक वास्तविकता है। उनके मार्गदर्शन में सुरक्षा बलों को न केवल संसाधन मिले, बल्कि वह मनोबल भी मिला जिससे इस ‘नासूर’ का जड़ से सफाया संभव हो सका।”

शहादत को नमन और जनशक्ति का आभार

मुख्यमंत्री ने उन वीर जवानों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी जिन्होंने बस्तर की शांति के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। उन्होंने कहा कि आज बस्तर की जो नई कहानी लिखी जा रही है, उसकी स्याही हमारे शहीदों का रक्त है।

बस्तर की जनता की भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा:

निडर लोकतंत्र: एक समय था जब वोट देने पर उंगलियां काट दी जाती थीं, लेकिन जनता ने गोलियों का जवाब मतपत्रों से दिया।

विकास पर विश्वास: लोगों ने हिंसा को त्यागकर ‘डबल इंजन’ सरकार की विकास नीतियों पर भरोसा जताया।

बदलाव की लहर: माओवाद के खात्मे के साथ ही दशकों से जारी डर और असुरक्षा का वातावरण समाप्त हो गया है।

पुनर्वास और विकास का समन्वय

श्री साय ने कहा कि सरकार की नीति केवल दमन की नहीं, बल्कि सुधार की भी रही है। जिन्होंने हिंसा का रास्ता छोड़कर संविधान को अपनाया, सरकार ने खुले दिल से उनका स्वागत किया है। बेहतर पुनर्वास और विकास की योजनाओं ने भटके हुए युवाओं को मुख्यधारा में वापस लाने का काम किया है।

निष्कर्ष: रेड कॉरिडोर से ग्रीन कॉरिडोर तक

लेख के अंत में मुख्यमंत्री ने एक उज्ज्वल भविष्य का खाका खींचते हुए कहा कि अब छत्तीसगढ़ का परिदृश्य पूरी तरह बदल चुका है।

“अब प्रदेश में कहीं भी ‘रेड कॉरिडोर’ का अस्तित्व नहीं बचा है। बस्तर की हर राह अब ‘ग्रीन कॉरिडोर’ बन चुकी है, जहाँ विकास की रोशनी हर गांव और हर घर तक पहुँच रही है। अब बच्चे बिना किसी भय के स्कूल जाएंगे और बस्तर खुशहाली का नया केंद्र बनेगा।”

छत्तीसगढ़ अब एक नए आत्मविश्वास के साथ समृद्ध और सुरक्षित भविष्य की ओर कदम बढ़ा रहा है।

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