सावधान! फर्जी ई-चालान के नाम पर हो सकती है आपके बैंक खाते में सेंध

रायपुर। डिजिटल धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों के बीच, अब साइबर ठगों ने वाहन चालान को अपना नया हथियार बनाया है। रायपुर पुलिस ने आम जनता को आगाह किया है कि वे ई-चालान के नाम पर आने वाले संदिग्ध मैसेज और फर्जी वेबसाइटों से दूरी बनाकर रखें।
ठगी का नया तरीका
आजकल अपराधी लोगों के मोबाइल पर हूबहू असली दिखने वाले SMS या व्हाट्सएप मैसेज भेज रहे हैं। इन मैसेज में एक लिंक होता है, जिस पर क्लिक करते ही आप एक नकली वेबसाइट पर पहुँच जाते हैं। यहाँ चालान भरने के नाम पर आपकी बैंकिंग डिटेल्स चुरा ली जाती हैं और खाते से पैसे उड़ा दिए जाते हैं।
सुरक्षित भुगतान के लिए क्या करें?
पुलिस ने यह साफ कर दिया है कि किसी भी ट्रैफिक चालान का भुगतान केवल अधिकृत माध्यमों से ही किया जाना चाहिए:
आधिकारिक वेबसाइट: [संदिग्ध लिंक हटा दिया गया]
मोबाइल ऐप: NextGen mParivahan ऐप का ही उपयोग करें।
ध्यान रहे कि सरकारी पोर्टल पर भुगतान करने पर कोई भी एक्स्ट्रा चार्ज नहीं लगता, जबकि अन्य किसी भी थर्ड-पार्टी माध्यम का उपयोग करना जोखिम भरा हो सकता है।
सुरक्षा के 5 सुनहरे नियम
अज्ञात नंबरों से आए किसी भी लिंक को न खोलें।
मैसेज भेजने वाले की पहचान (जैसे VAAHAN-G) जरूर जांचें।
अपना OTP या बैंक पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें।
जल्दबाजी में भुगतान न करें, पहले चालान की सत्यता परखें।
वेबसाइट के URL और उसकी स्पेलिंग को ध्यान से देखें।
ठगी होने पर यहाँ करें शिकायत
यदि आप किसी भी तरह की डिजिटल धोखाधड़ी का शिकार होते हैं, तो बिना देर किए 1930 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें या cybercrime.gov.in पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। इसके साथ ही तुरंत अपने बैंक को सूचित करें ताकि आपका ट्रांजैक्शन ब्लॉक किया जा सके।
रायपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सुरक्षा के लिहाज से NextGen mParivahan ऐप का ही इस्तेमाल करें, जहाँ आप न केवल चालान भर सकते हैं बल्कि अपने वाहन के दस्तावेज भी डिजिटल रूप में सुरक्षित रख सकते हैं।
















