भिलाई नाबालिग दुष्कर्म मामला : फरार आरोपी बीएन पांडेय और संजय पंडित ने कोर्ट में किया आत्मसमर्पण

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित नाबालिग यौन उत्पीड़न मामले में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी बीएन पांडेय और पीडब्ल्यूडी ठेकेदार संजय पंडित ने आखिरकार दुर्ग की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। पुलिस की लगातार छापेमारी और बढ़ते दबाव के कारण दोनों आरोपियों को कानून के सामने झुकना पड़ा।
केस की पृष्ठभूमि: नौकरी का झांसा और शोषण
यह मामला साल 2018 से जुड़ा है, जिसमें एक नाबालिग को नौकरी दिलाने का लालच देकर उसका यौन शोषण शुरू किया गया था। आरोप है कि आरोपियों ने पीड़िता को न केवल अपनी हवस का शिकार बनाया, बल्कि उसे ब्लैकमेल भी किया। लंबे समय तक चले इस मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न से तंग आकर पीड़िता ने आखिरकार न्याय के लिए आवाज उठाई।
पुलिस की अब तक की कार्रवाई
FIR दर्ज: 30 जनवरी को भिलाई महिला थाने में मामले की औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई।
पूर्व गिरफ्तारियाँ: पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पहले ही चार आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया था।
फरारी और सरेंडर: बीएन पांडेय और संजय पंडित गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे, लेकिन पुलिस की घेराबंदी के चलते उन्होंने अदालत में खुद को पेश करना ही बेहतर समझा।
“मामले की जांच अभी भी गहनता से जारी है। हमारा मुख्य उद्देश्य पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय दिलाना और दोषियों को कड़ी सजा दिलवाना है।”
— मणिशंकर चंद्रा, एएसपी
दोनों आरोपियों के सरेंडर के बाद अब पुलिस उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी ताकि इस घृणित अपराध से जुड़े अन्य तथ्यों और साक्ष्यों को पुख्ता किया जा सके। कोर्ट की कार्यवाही के साथ-साथ पुलिस विभाग पीड़िता को हर संभव सुरक्षा और कानूनी सहायता प्रदान करने की बात कह रहा है।
















