बिहार चुनाव : ‘एसआईआर’ पर अखिलेश यादव का बड़ा आरोप, बोले- भाजपा नहीं, ‘छल’ है

लखनऊ (एजेंसी)। बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों के रुझानों ने विपक्षी दलों के खेमे में खलबली मचा दी है। एक ओर जहाँ कांग्रेस पार्टी दिल्ली में अपने दफ्तर के बाहर ‘वोट चोरी’ के पोस्टर लेकर प्रदर्शन कर रही है, वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR – Special Intensive Revision) को लेकर हमला बोला है।
अखिलेश यादव का X पोस्ट
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा:
“बिहार में जो ‘खेल’ एसआईआर ने किया है, वह पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, यूपी और बाकी जगहों पर अब नहीं हो पाएगा, क्योंकि इस चुनावी साज़िश का अब भंडाफोड़ हो चुका है। अब आगे हम यह खेल इनको नहीं खेलने देंगे। सीसीटीवी की तरह हमारा ‘पीपीटीवी’ मतलब ‘पीडीए प्रहरी’ चौकन्ना रहकर भाजपाई मंसूबों को नाकाम करेगा। भाजपा दल नहीं छल है।”
आधार की मान्यता के लिए सुप्रीम कोर्ट जाएगी पार्टी
इससे पहले भी सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव एसआईआर के खिलाफ बयान देते रहे हैं। हाल ही में उन्होंने घोषणा की थी कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में आधार कार्ड की मान्यता को लेकर उनकी पार्टी सुप्रीम कोर्ट जाएगी। उन्होंने कहा था कि कई जगहों पर वर्ष 2003 की मतदाता सूची स्पष्ट नहीं है।
अखिलेश यादव ने यह भी स्पष्ट किया कि, “हम ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) का वोट नहीं कटने देंगे।”
राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ पर हाल के विवादित बयानों के संबंध में उन्होंने कहा कि संविधान निर्माताओं ने सोच-समझकर राष्ट्रीय गीत को वैकल्पिक रखा था, इसे राष्ट्रगान की तरह अनिवार्य नहीं बनाया।















