बजट 2026: ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को साकार करने वाला एक विजनरी दस्तावेज : जसविंदर बग्गा

कवर्धा। केंद्रीय बजट 2026-27 पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए जसविंदर बग्गा ने इसे भारत के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला बताया है। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया गया यह बजट मात्र वित्तीय लेखा-जोखा नहीं है, बल्कि यह साल 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को सिद्ध करने वाला मार्गचित्र (Roadmap) है।
समावेशी विकास पर केंद्रित नीतियां
बग्गा ने रेखांकित किया कि इस बजट में समाज के हर स्तंभ—गरीब, किसान, युवा और महिलाओं—की उन्नति का ध्यान रखा गया है। उन्होंने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर और पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) पर दिया गया जोर न केवल आधुनिक सड़कों और रेलवे का जाल बिछाएगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के लाखों नए अवसर भी पैदा करेगा।
आर्थिक और औद्योगिक मजबूती
बजट की प्रमुख विशेषताओं पर चर्चा करते हुए उन्होंने निम्नलिखित बिंदुओं को महत्वपूर्ण बताया:
अधोसंरचना क्रांति: रेल कनेक्टिविटी और हाई-स्पीड कॉरिडोर पर निवेश से देश की रफ़्तार बढ़ेगी और व्यापार करना आसान होगा।
आत्मनिर्भरता को बढ़ावा: सेमीकंडक्टर और बायोटेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों पर ध्यान देकर सरकार भारत को ‘ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब’ बनाने की दिशा में अग्रसर है।
MSME को संबल: छोटे उद्योगों के लिए आसान ऋण और सरल नियमों से उद्यमियों को नई ऊर्जा मिलेगी।
सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं: जीवन रक्षक दवाओं के दाम कम होने से आम आदमी के स्वास्थ्य खर्च का बोझ कम होगा।
मध्यम वर्ग और करदाताओं को राहत
जसविंदर बग्गा के अनुसार, कर प्रणाली (Tax System) को अधिक सरल और पारदर्शी बनाना सरकार की एक सराहनीय पहल है। इससे ईमानदार करदाताओं का मनोबल बढ़ेगा और निवेश की प्रक्रिया सुगम होगी।
निष्कर्ष: अंत में उन्होंने इस बजट को “विश्वास, विकास और विजन का संगम” बताते हुए कहा कि कौशल विकास और स्टार्टअप्स को दी गई प्राथमिकता युवाओं को केवल नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला (Job Creator) बनाएगी। यह बजट आगामी 25 वर्षों के समृद्ध भारत की एक मजबूत नींव है।
















