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शेयर बाजार में 4 दिन की गिरावट के बाद बाजार में हल्की बढ़त

नई दिल्ली (एजेंसी)। भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत आज यानी 15 जुलाई 2025, मंगलवार को हल्की बढ़त के साथ हुई है. लगातार चार कारोबारी दिन गिरावट में रहने के बाद, आज सेंसेक्स और निफ्टी में थोड़ा सुधार देखने को मिला. इस रिकवरी की वजह देश में जून महीने की खुदरा महंगाई में आई बड़ी गिरावट और एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत हैं.

सेंसेक्स 150 अंक से अधिक उछला, निफ्टी भी 25,141 के स्तर पर

सुबह 9:23 बजे तक बीएसई सेंसेक्स 168.50 अंकों की बढ़त के साथ 82,421.96 पर कारोबार कर रहा था, जो 0.20 प्रतिशत की तेजी है. वहीं, एनएसई का निफ्टी 59.20 अंकों की बढ़त के साथ 25,141.50 पर पहुंच गया, जो 0.24 प्रतिशत का उछाल है.

जून में खुदरा महंगाई सिर्फ 2.10 % रही, 6 साल में सबसे कम

जून 2025 में खुदरा महंगाई दर घटकर 2.10 प्रतिशत पर आ गई है, जो बीते 6 साल में सबसे निचला स्तर है. यह लगातार पांचवां महीना है जब महंगाई दर रिजर्व बैंक के 4 प्रतिशत के टारगेट से नीचे बनी हुई है और 6 प्रतिशत की ऊपरी लिमिट से काफी कम है. महंगाई में आई यह बड़ी गिरावट आने वाले दिनों में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद बढ़ा सकती है, जिससे इकॉनॉमी को रफ्तार मिलेगी और बाजार का मूड बेहतर रहेगा.

एशियाई बाजारों से भी मिला सपोर्ट, लेकिन ग्लोबल चिंता बरकरार

भारत के अलावा ग्लोबल लेवल पर भी कुछ राहतभरी खबरें दिखीं. एशिया पैसिफिक देशों के शेयर इंडेक्स MSCI Asia-Pacific (जापान को छोड़कर) में 0.5 प्रतिशत की तेजी आई, खासतौर पर हांगकांग मार्केट में मजबूती से इसका असर दिखा. हालांकि, ट्रेड टेंशन को लेकर अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है. साथ ही, जापान और अमेरिका में बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी हुई है, जिससे उभरते बाजारों में फॉरेन इन्वेस्टमेंट पर असर पड़ सकता है.

बीते दिन गिरावट के साथ बंद हुआ था बाजार, IT सेक्टर पर दबाव जारी

सोमवार, 14 जुलाई को भी भारतीय शेयर बाजार लाल निशान पर बंद हुआ था. सेंसेक्स 247.01 अंक यानी 0.30 प्रतिशत गिरकर 82,253.46 पर बंद हुआ था. वहीं, निफ्टी 67.55 अंक यानी 0.27 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,082.30 पर बंद हुआ था. खासकर IT सेक्टर में कमजोरी और नई ग्लोबल टैरिफ को लेकर चिंता बाजार को नीचे ले गई थी.

अब अर्निंग सीजन और ग्लोबल ट्रेंड्स पर निवेशकों की नजर 

अब जब महंगाई दर में राहत दिख रही है, निवेशकों और एक्सपर्ट्स की नजरें आने वाले दिनों में शुरू होने वाले अर्निंग सीजन और ग्लोबल इकॉनॉमिक अपडेट्स पर रहेंगी. हालांकि महंगाई में गिरावट एक पॉजिटिव संकेत है.महंगाई के आंकड़े फिलहाल राहत दे रहे हैं, लेकिन टैरिफ से जुड़ी अनिश्चितता और बॉन्ड यील्ड का असर निकट भविष्य में बाजार को प्रभावित कर सकता है.

भारतीय बाजार ने आज थोड़ा संभलने की कोशिश की है, लेकिन ग्लोबल लेवल पर बनी अस्थिरता के बीच ये रिकवरी ज्यादा लंबी चलेगी या नहीं, ये आने वाले कारोबारी दिनों में साफ होगा.

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