मधुमेह में छाछ : स्वास्थ्य का एक प्राकृतिक सुरक्षा कवच

हेल्थ न्युज (एजेंसी)। मधुमेह के रोगियों के लिए खान-पान का चुनाव करना अक्सर चुनौतीपूर्ण होता है, क्योंकि उन्हें अपने ब्लड शुगर लेवल का खास ख्याल रखना पड़ता है। ऐसे में छाछ (Buttermilk) एक ऐसा प्राकृतिक और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प है, जिसे शुगर के मरीज बेझिझक अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। दूध को मथकर मक्खन निकालने के बाद तैयार होने वाली छाछ न केवल ताजगी देती है, बल्कि पोषक तत्वों का भंडार भी है।
डायबिटीज के मरीजों के लिए छाछ क्यों है खास?
छाछ में कैलोरी और शुगर की मात्रा बहुत कम होती है, जो इसे मधुमेह रोगियों के लिए एक आदर्श पेय बनाती है। इसके मुख्य लाभ निम्नलिखित हैं:
लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स: छाछ का ग्लाइसेमिक इंडेक्स काफी कम होता है, जिसका अर्थ है कि इसे पीने से रक्त में शर्करा का स्तर अचानक नहीं बढ़ता।
वजन नियंत्रण: इसमें फैट कम होता है और इसे पीने से पेट भरा हुआ महसूस होता है। इससे आप अतिरिक्त कैलोरी लेने से बच जाते हैं, जो वजन घटाने में सहायक है।
घाव भरने में सहायक: डायबिटीज के मरीजों में घाव देरी से भरने की समस्या होती है। छाछ में मौजूद जिंक इस प्रक्रिया को तेज करने में मदद करता है।
पाचन और प्रोबायोटिक्स: इसमें मौजूद लैक्टिक एसिड पाचन तंत्र को सुधारता है और आंतों के स्वास्थ्य (Gut Health) को बेहतर बनाता है।
अन्य स्वास्थ्य लाभ
छाछ केवल शुगर ही नहीं, बल्कि शरीर की अन्य समस्याओं में भी कारगर है:
हृदय स्वास्थ्य: पोटेशियम से भरपूर होने के कारण यह कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखती है और ब्लड प्रेशर को सामान्य बनाए रखने में मदद करती है।
मजबूत हड्डियाँ: कैल्शियम, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस जैसे खनिजों की मौजूदगी हड्डियों को मजबूती प्रदान करती है।
सूजन में कमी: इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो शरीर के आंतरिक अंगों की सूजन को कम करने में प्रभावी हैं।
गर्भावस्था में सुरक्षित: जेस्टेशनल डायबिटीज (गर्भावस्था के दौरान शुगर) से जूझ रही महिलाओं के लिए भी छाछ एक सुरक्षित और पौष्टिक विकल्प है।
महत्वपूर्ण सुझाव: छाछ का सेवन करते समय इसमें चीनी मिलाने से बचें। इसके बजाय आप भुना हुआ जीरा, काला नमक या पुदीना मिला सकते हैं, जो इसके स्वाद और गुणों को दोगुना कर देते हैं।
अस्वीकरण : यह जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है। यदि आप किसी विशेष चिकित्सीय स्थिति से गुजर रहे हैं, तो अपनी डाइट में कोई भी बड़ा बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर या विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।
















