सावधान! लैपटॉप को गोद में रखकर काम करना पड़ सकता है भारी : स्वास्थ्य पर होते हैं ये गंभीर असर

नई दिल्ली (एजेंसी)। आजकल की भागदौड़ भरी लाइफस्टाइल और ‘वर्क फ्रॉम होम’ के बढ़ते चलन ने हमारे काम करने के तरीके को बदल दिया है। अक्सर हम आराम के चक्कर में लैपटॉप को डेस्क के बजाय अपनी गोद (Lap) में रखकर घंटों काम करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह छोटी सी आदत आपकी सेहत और भविष्य की खुशियों के लिए कितनी घातक हो सकती है?
विशेषज्ञों का मानना है कि लैपटॉप से निकलने वाली गर्मी और रेडिएशन हमारे शरीर के अंगों को गंभीर नुकसान पहुँचा सकते हैं। आइए जानते हैं इसके पीछे के मुख्य कारण और बचाव के तरीके:
- पुरुषों की फर्टिलिटी पर बुरा असर
लैपटॉप को गोद में रखकर इस्तेमाल करने का सबसे बड़ा खतरा पुरुषों की प्रजनन क्षमता (Infertility) पर पड़ता है। शोध के अनुसार, लैपटॉप से निकलने वाली हीट पुरुषों के स्पर्म काउंट और उनकी गुणवत्ता को कम कर सकती है। चूँकि पुरुषों के रिप्रोडक्टिव ऑर्गन्स शरीर के बाहर होते हैं, इसलिए वे लैपटॉप की गर्मी के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। लंबे समय तक इसका प्रभाव बांझपन का कारण बन सकता है।
- त्वचा संबंधी रोग और कैंसर का डर
लैपटॉप के निचले हिस्से से निकलने वाली लगातार हीट आपकी जांघों की त्वचा को झुलसा सकती है। इसे मेडिकल भाषा में ‘टोस्टेड स्किन सिंड्रोम’ कहा जाता है। इसके कारण पैरों की त्वचा का रंग बदलने लगता है और लंबे समय तक ऐसा होने पर स्किन कैंसर का जोखिम भी बढ़ जाता है।
- रेडिएशन और वाई-फाई का खतरा
केवल लैपटॉप की गर्मी ही नहीं, बल्कि उससे जुड़े वाई-फाई और ब्लूटूथ कनेक्शन भी ‘रेडियोफ्रीक्वेंसी’ और ‘इलेक्ट्रोमैग्नेटिक’ रेडिएशन छोड़ते हैं। यह रेडिएशन शरीर के ऊतकों (Tissues) को नुकसान पहुँचा सकता है, जिससे थकान और अन्य शारीरिक समस्याएँ हो सकती हैं।
- मांसपेशियों और हड्डियों में दर्द
लैपटॉप को गोद में रखने से हमारे बैठने का तरीका (Posture) बिगड़ जाता है। गर्दन को ज्यादा झुकाना पड़ता है, जिससे सर्वाइकल, पीठ दर्द और कंधों में जकड़न जैसी समस्याएँ आम हो जाती हैं।
सुरक्षित रहने के लिए अपनाएं ये तरीके:
हमेशा टेबल का प्रयोग करें: लैपटॉप को हमेशा एक स्थिर मेज या डेस्क पर रखकर ही चलाएं।
लैपटॉप शील्ड या स्टैंड: अगर आपको मजबूरी में गोद में रखना पड़े, तो ‘लैपटॉप कूलिंग पैड’ या किसी हार्ड शील्ड का उपयोग करें जो हीट को सीधे शरीर तक न पहुँचने दे।
नियमित ब्रेक लें: हर 30-40 मिनट के काम के बाद थोड़ा टहलें और अपनी आँखों व शरीर को आराम दें।
ब्लू लाइट फिल्टर: आँखों की सुरक्षा के लिए स्क्रीन पर ब्लू लाइट फिल्टर का उपयोग करें।
वाई-फाई बंद करें: काम खत्म होने के बाद लैपटॉप का वाई-फाई और ब्लूटूथ बंद कर देना चाहिए ताकि अनावश्यक रेडिएशन कम हो सके।
निष्कर्ष: तकनीकी उपकरण हमारी सुविधा के लिए हैं, लेकिन इनका गलत इस्तेमाल बड़ी शारीरिक समस्याओं को जन्म दे सकता है। अपनी सेहत को प्राथमिकता दें और काम करने के सही तरीके को अपनाएं।














