लोकतंत्र का उत्सव : भारत में ‘अंतर्राष्ट्रीय निर्वाचन आगंतुक कार्यक्रम-2026’ का आगाज

रायपुर। भारतीय चुनाव प्रणाली की वैश्विक धमक और इसकी बारीकियों से दुनिया को रूबरू कराने के लिए भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने ‘अंतर्राष्ट्रीय निर्वाचन आगंतुक कार्यक्रम (IEVP) – 2026’ की औपचारिक शुरुआत कर दी है। नई दिल्ली स्थित ‘भारत अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन संस्थान’ (IIIDEM) में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने निर्वाचन आयुक्तों डॉ. एस.एस. संधू और डॉ. विवेक जोशी की उपस्थिति में इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
चुनाव महज प्रक्रिया नहीं, एक पर्व है: मुख्य निर्वाचन आयुक्त
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने जोर देकर कहा कि आयोग भारत में चुनावों को केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि ‘लोकतंत्र के महापर्व’ के रूप में देखता है। उन्होंने बताया कि निर्वाचन आयोग इसे ‘मिशन मोड’ में संपन्न कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने विदेशी मेहमानों का स्वागत करते हुए उन्हें भारत की सांस्कृतिक विविधता और चुनाव के दौरान दिखने वाले उत्साह को करीब से देखने व अनुभव करने के लिए प्रेरित किया।
दो चरणों में होगा राज्यों का दौरा
विदेशी प्रतिनिधियों के लिए इस कार्यक्रम को दो मुख्य हिस्सों में बांटा गया है:
प्रथम चरण (8-9 अप्रैल 2026): इसके तहत प्रतिनिधि असम, केरल और पुडुचेरी की चुनावी तैयारियों और प्रक्रिया का जायजा लेंगे।
द्वितीय चरण (20 अप्रैल 2026 से): इस चरण में आगंतुक पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के चुनावी प्रबंधन का अवलोकन करेंगे।
तकनीक और पारदर्शिता का अनुभव
वर्तमान में, इस कार्यक्रम के पहले चरण में 23 देशों के 43 प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें दिल्ली स्थित पांच विदेशी मिशनों के अधिकारी भी शामिल हैं। कार्यक्रम के दौरान:
प्रतिनिधियों को EVM (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) की कार्यप्रणाली का विस्तृत प्रदर्शन दिया गया।
उन्होंने ‘मॉक पोल’ के जरिए मतदान की निष्पक्षता को स्वयं परखा।
विशेषज्ञों के साथ संवाद सत्र में चुनावी तकनीकी और सुरक्षा उपायों पर अपनी शंकाओं का समाधान किया।
ज़मीनी हकीकत से रूबरू होंगे प्रतिनिधि
8 अप्रैल को प्रतिनिधि चुनावी राज्यों के दौरे पर निकलेंगे, जहाँ वे जिला नियंत्रण कक्ष, मीडिया निगरानी केंद्र और प्रेषण केंद्रों (Dispatch Centers) की कार्यप्रणाली देखेंगे। 9 अप्रैल की सुबह वे वास्तविक मतदान केंद्रों पर जाकर दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की वोटिंग प्रक्रिया के गवाह बनेंगे।
IEVP का महत्व:
अंतर्राष्ट्रीय निर्वाचन आगंतुक कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दुनिया भर के चुनाव प्रबंधन निकायों (EMBs) के बीच सहयोग बढ़ाना है। यह मंच भारत की मजबूत चुनावी संस्थागत व्यवस्था और नवाचारों को साझा करने का एक बेहतरीन अवसर प्रदान करता है।
















