छत्तीसगढ़

आध्यात्मिक चेतना और सेवा का केंद्र : अघोर गुरु पीठ बनोरा में मुख्यमंत्री साय ने मत्था टेका

रायगढ़। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने रायगढ़ प्रवास के दौरान ग्राम बनोरा स्थित ‘अघोर गुरु पीठ ब्रह्मनिष्ठालय’ का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने आश्रम की पवित्रता और वहां दी जा रही संस्कारों की शिक्षा की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए एक प्रेरणा पुंज बताया।

गुरु दर्शन और जनकल्याण की कामना

मुख्यमंत्री ने आश्रम के मुख्य उपासना स्थल पर पहुँचकर परम पूज्य अघोरेश्वर अवधूत भगवान राम जी की प्रतिमा के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने अघोरेश्वर के बताए मार्ग को याद करते हुए छत्तीसगढ़ की जनता की सुख-शांति और राज्य की प्रगति के लिए प्रार्थना की।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने पूज्य बाबा प्रियदर्शी भगवान राम जी से भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया। आध्यात्मिक चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि:

“छत्तीसगढ़ की पावन धरा अपनी समृद्ध आध्यात्मिक विरासत के लिए जानी जाती है। अघोर गुरु पीठ जैसे संस्थान न केवल समाज को सही दिशा दिखा रहे हैं, बल्कि सेवा और सद्भाव की नींव को भी मजबूत कर रहे हैं।”

शासन और अध्यात्म का संगम

मुख्यमंत्री साय ने इस बात पर जोर दिया कि राज्य का सर्वांगीण विकास तभी संभव है जब वह नैतिक और आध्यात्मिक मूल्यों पर टिका हो। उन्होंने निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं को साझा किया:

नैतिक मार्गदर्शन: संतों का सानिध्य समाज को सकारात्मक ऊर्जा और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करता है।

सांस्कृतिक संरक्षण: छत्तीसगढ़ सरकार विकास के साथ-साथ राज्य की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को सुरक्षित रखने के लिए वचनबद्ध है।

अंतिम व्यक्ति की सेवा: पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुँचाना ही सच्ची सेवा है।

इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ नगर निगम महापौर श्री जीवर्धन चौहान, सभापति श्री डिग्रीलाल साहू, पूर्व विधायक श्री विजय अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। आश्रम परिसर में मुख्यमंत्री का स्वागत पारंपरिक श्रद्धा के साथ किया गया।

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