सीजीबीएसई बोर्ड परीक्षा 2026 : कम अटेंडेंस के कारण 1400 छात्र हुए परीक्षा से वंचित

रायपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) ने आगामी बोर्ड परीक्षाओं से पहले एक कड़ा कदम उठाया है। अनिवार्य उपस्थिति नियमों का पालन न करने की वजह से प्रदेश के 1413 विद्यार्थियों को इस वर्ष 10वीं और 12वीं की मुख्य परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी गई है।
कड़ाई से लागू हुआ 75% उपस्थिति का नियम
बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, शैक्षणिक सत्र के दौरान 75 प्रतिशत अटेंडेंस पूरी न कर पाने वाले छात्रों पर यह गाज गिरी है। इन छात्रों में 10वीं कक्षा के 1,063 और 12वीं कक्षा के 350 विद्यार्थी शामिल हैं। नियमों की अनदेखी के कारण इन छात्रों का यह साल खराब हो गया है और वे अब अगले सत्र में ही अपनी उपस्थिति सुधार कर परीक्षा दे सकेंगे।
परीक्षा का शेड्यूल और तैयारी
छत्तीसगढ़ में बोर्ड परीक्षाओं का काउंटडाउन शुरू हो चुका है:
12वीं बोर्ड: परीक्षाएं 20 फरवरी से 18 मार्च 2026 तक चलेंगी। इसमें लगभग 2.45 लाख छात्र शामिल हो रहे हैं।
10वीं बोर्ड: परीक्षाएं 21 फरवरी से 13 मार्च 2026 तक आयोजित की जाएंगी। इसके लिए करीब 3.20 लाख छात्र पंजीकृत हैं।
पूरे प्रदेश में हजारों परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं ताकि परीक्षा का संचालन सुचारू रूप से हो सके।
दिव्यांग छात्रों को मिलेगी विशेष सहायता
बोर्ड ने समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देते हुए विशेष आवश्यकता वाले छात्रों (CWSN) के लिए राहत की घोषणा की है। जो छात्र लिखने में असमर्थ हैं या किसी दुर्घटना के कारण चोटिल हैं, उन्हें ‘राइटर’ की सुविधा दी जाएगी। साथ ही, उनकी सुविधा के लिए अलग से परीक्षा केंद्रों और बैठने की व्यवस्था का भी प्रावधान किया गया है।
सख्त अनुशासन के पीछे का उद्देश्य
शिक्षा विभाग के अनुसार, सत्र की शुरुआत में ही यह स्पष्ट कर दिया गया था कि नियमित छात्रों के लिए स्कूल आना अनिवार्य है। केवल गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं (मेडिकल सर्टिफिकेट के साथ) की स्थिति में ही कुछ रियायत दी जा सकती थी। बोर्ड का मानना है कि इस सख्ती से छात्रों में अनुशासन बढ़ेगा और वे अपनी पढ़ाई के प्रति अधिक गंभीर होंगे।
















