छत्तीसगढ़

सिंगापुर दौरे से छत्तीसगढ़ को मिली ऐतिहासिक सफलता : 43,600 करोड़ रुपये के निवेश और कौशल विकास समझौते पर मुहर

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी तीन दिवसीय सिंगापुर यात्रा सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। इस दौरे के दौरान राज्य को कुल 43,600 करोड़ रुपये के भारी-भरकम प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जो किसी भी एक विदेशी यात्रा में छत्तीसगढ़ को मिलने वाले अब तक के सबसे बड़े निवेश प्रस्तावों में से एक हैं।

विदेश मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित पहले ‘सिंगापुर-इंडिया नेटवर्क फॉर ग्रोथ (SING) फोरम-2026’ में देश भर से केवल छत्तीसगढ़ और हरियाणा का चयन किया गया था। इस वैश्विक मंच पर छत्तीसगढ़ ने अपनी विकास गाथा को मजबूती से पेश किया और कई महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदारियां कीं।

प्रमुख निवेश और आर्थिक समझौते

एआई-रेडी डेटा सेंटर: सिंगापुर की एनर्जी कैपिटल ग्लोबल (ECG) ने प्रदेश में 100 मेगावाट क्षमता का एआई-रेडी डेटा सेंटर कैंपस स्थापित करने के लिए 41,750 करोड़ रुपये का विशाल निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है। इससे राज्य डिजिटल और आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के नक्शे पर एक मजबूत केंद्र के रूप में उभरेगा।

अक्षय ऊर्जा और भंडारण: सनस्ट्रीम ग्रीन एनर्जी ने सोलर ऊर्जा और 300 मेगावाट बैटरी स्टोरेज के लिए 1,500 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव पर सहमति दी है।

एग्रो-प्रोसेसिंग हब: वैलेंसी इंटरनेशनल ने कृषि उत्पादों की वैल्यू चेन मजबूत करने के लिए 350 करोड़ रुपये के निवेश से एकीकृत फूड प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट हब बनाने की इच्छा जताई है।

युवाओं के लिए कौशल विकास और रोजगार

युवाओं को भविष्य की औद्योगिक जरूरतों के काबिल बनाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने सिंगापुर की ‘आईटीई एजुकेशन सर्विसेज’ के साथ एक अहम समझौता (MoU) किया है। इसके तहत तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा, पाठ्यक्रम सुधार और युवाओं को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण प्रदान करने का कार्य किया जाएगा।

वैश्विक मंच पर छत्तीसगढ़ की गूंज

सिंह फोरम-2026 के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘फायरसाइड चैट’ में स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य में औद्योगिक सुधारों को तेजी से लागू किया जा रहा है। सिंगापुर के विदेश मंत्री डॉ. विवियन बालाकृष्णन के साथ हुई बैठक में शहरी नियोजन, तकनीक और निवेश के मामलों में द्विपक्षीय सहयोग पर विचार-विमर्श हुआ। इसके अलावा, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, सुमितोमो मित्सुई बैंकिंग कॉर्पोरेशन और टोलोरम समूह जैसी 15 से अधिक बहुराष्ट्रीय कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ सीईओ राउंडटेबल में भविष्य के व्यापारिक अवसरों पर चर्चा की गई।

हरित विकास और पर्यटन को बढ़ावा

सिंगापुर की प्रसिद्ध संस्थाओं ‘गार्डन्स बाय द बे’ और ‘मंडाई वाइल्डलाइफ ग्रुप’ के साथ हुई बैठकों के माध्यम से छत्तीसगढ़ में शहरी हरियाली और पर्यटन के नए द्वार खुले हैं। इन अनुभवों का उपयोग नवा रायपुर में बॉटनिकल गार्डन विकसित करने और नंदनवन जंगल सफारी को वैश्विक स्तर का वन्यजीव पर्यटन केंद्र बनाने में किया जाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस दौरे को छत्तीसगढ़ के औद्योगिक इतिहास का मील का पत्थर बताया है। सरकार का मुख्य उद्देश्य इन निवेश प्रस्तावों को जल्द से जल्द धरातल पर उतारना है, ताकि प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकें और स्थानीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक गति मिल सके।

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