छत्तीसगढ़ विधानसभा : मुआवजा वितरण में देरी पर सरकार सख्त, मंत्री ने दिए संयुक्त जांच के आदेश

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान किसानों की जमीन के मुआवजे का मामला एक बार फिर गरमा गया। शुक्रवार को सदन में मुआवजे के लंबित प्रकरणों पर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच चर्चा हुई, जिसके बाद सरकार ने इस दिशा में बड़े कदम उठाने का ऐलान किया है।
ध्यानाकर्षण प्रस्ताव: विधायक धरम लाल कौशिक ने सदन में भूमि अधिग्रहण के बदले मिलने वाले मुआवजे में हो रही अत्यधिक देरी और किसानों को होने वाली परेशानियों का मुद्दा उठाया।
संयुक्त जांच टीम का गठन: राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए घोषणा की कि राजस्व विभाग और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों की एक संयुक्त टीम बनाई जाएगी।
समय सीमा और प्राथमिकता: मंत्री ने स्पष्ट किया कि जिन किसानों को अब तक राशि नहीं मिली है, उनके प्रकरणों को प्राथमिकता (Priority) के आधार पर हल किया जाएगा।
जवाबदेही तय: सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि किसानों के हितों के साथ कोई खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। यदि जांच में किसी भी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है, तो उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री का आश्वासन: “हमारी सरकार किसानों को उनका हक दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। पात्र किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा मिले, इसके लिए ठोस और त्वरित कदम उठाए जा रहे हैं।”
















