छत्तीसगढ़ विधानसभा : नशे के अवैध कारोबार पर सदन में तीखी बहस, गृहमंत्री ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन प्रदेश में बढ़ते नशे के चलन और अवैध तस्करी का मुद्दा छाया रहा। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से सरकार का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर खींचा।
विधायक अजय चंद्राकर ने जताई चिंता
सदन में अपनी बात रखते हुए अजय चंद्राकर ने कहा कि राजधानी रायपुर समेत पूरे प्रदेश में नशीले पदार्थों का जाल फैलता जा रहा है। उन्होंने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि पुलिस विभाग के कुछ कर्मचारी भी इस अवैध धंधे में संलिप्त हैं, जिससे अपराधों का ग्राफ बढ़ रहा है। उन्होंने वर्तमान स्थिति को काफी भयावह बताते हुए त्वरित और ठोस कदम उठाने की मांग की।
गृहमंत्री विजय शर्मा का जवाब
विपक्ष और सत्ता पक्ष की चिंताओं पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा ने विभाग का बचाव किया और सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई:
निरंतर कार्रवाई: गृहमंत्री ने स्पष्ट किया कि विभाग नशे के विरुद्ध पूरी तरह संकल्पित है और पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
दोषी आरक्षक पर एक्शन: टिकरापारा में एक आरक्षक की संलिप्तता के मामले पर उन्होंने बताया कि विभाग ने संज्ञान लिया है और कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।
नई रणनीति (End-to-End Action): गृहमंत्री ने सदन को अवगत कराया कि अब पुलिस केवल छोटे पेडलर्स को ही नहीं, बल्कि नशे की पूरी सप्लाई चेन (स्रोत से लेकर गंतव्य तक) को ध्वस्त करने की रणनीति पर काम कर रही है।
मुख्य बिंदु: सरकार ने सदन को आश्वस्त किया है कि नशे के विरुद्ध “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाई जा रही है और आने वाले दिनों में इसके परिणाम धरातल पर दिखाई देंगे।
















