छत्तीसगढ़ विधानसभा : विधायक रिकेश सेन की सुरक्षा पर हंगामा, विपक्ष का सदन से वॉकआउट

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सुरक्षा का मुद्दा गरमा गया है। बुधवार को शून्यकाल के दौरान वैशाली नगर से भाजपा विधायक रिकेश सेन की जान को खतरे का मामला सदन में गूँजा। विपक्ष ने इस विषय को उठाते हुए सरकार से जवाब की मांग की और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।
क्या है पूरा मामला?
भिलाई के वैशाली नगर क्षेत्र से विधायक रिकेश सेन अपनी जनहित योजनाओं और सक्रियता के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के एक सार्वजनिक कार्यक्रम में उन्होंने एक चौंकाने वाला खुलासा किया था। सेन ने मंच से एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि पिछले दो वर्षों से कुछ असामाजिक तत्व उनकी हत्या की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने सबूतों के साथ इस खतरे की पुष्टि करने की बात कही थी।
सदन में विपक्ष का कड़ा रुख
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और विधायक उमेश पटेल ने इस मुद्दे को सदन में जोर-शोर से उठाया। विपक्ष के मुख्य तर्क इस प्रकार रहे:
सुरक्षा पर सवाल: भूपेश बघेल ने कहा कि यदि सत्तापक्ष का विधायक ही सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है, तो यह बेहद गंभीर विषय है।
वक्तव्य की मांग: विपक्ष ने मांग की कि सरकार को इस संवेदनशील मामले पर सदन में आधिकारिक बयान (Statement) देना चाहिए।
संसदीय कार्य मंत्री का जवाब: मंत्री केदार कश्यप ने स्पष्ट किया कि उनकी विधायक रिकेश सेन से चर्चा हुई है और सरकार उनकी सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सजग है।
सदन से बहिर्गमन (Walkout)
सरकार के जवाब से असंतुष्ट होकर विपक्ष ने सदन की कार्यवाही का विरोध किया। भूपेश बघेल ने तंज कसते हुए कहा, “जब सदन के सदस्य ही सुरक्षित नहीं हैं, तो कार्यवाही का क्या औचित्य?” अपनी मांग पर अड़े रहते हुए अंततः विपक्षी सदस्यों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
विधायक रिकेश सेन ने सार्वजनिक मंच से अपनी जान को खतरा बताया था।
विपक्ष ने इस मुद्दे को लेकर विधानसभा में सरकार को घेरा।
सुरक्षा के मुद्दे पर चर्चा न होने के कारण विपक्ष ने सदन से बहिर्गमन किया।
















