छत्तीसगढ़ बजट 2026-27 : औद्योगिक विकास और श्रमिक कल्याण के लिए 1800 करोड़ से अधिक की राशि स्वीकृत

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में गुरुवार को वाणिज्य, उद्योग और श्रम विभाग के लिए आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु कुल 1,823.87 करोड़ रुपये की अनुदान मांगें ध्वनिमत से पारित कर दी गईं। कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन ने सदन में विभागों की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का खाका पेश किया।
औद्योगिक क्रांति की ओर बढ़ते कदम
उद्योग मंत्री देवांगन ने बताया कि राज्य को औद्योगिक केंद्र बनाने के उद्देश्य से अकेले उद्योग विभाग के लिए 1,750 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
पारदर्शिता और राजस्व: अब औद्योगिक भूमि का आवंटन ई-निविदा (e-tender) के जरिए हो रहा है, जिससे सरकारी खजाने में 20% की बढ़ोतरी हुई है।
बड़ा निवेश: राज्य को अब तक स्टील, सेमीकंडक्टर, आईटी और क्लीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं।
रोजगार के अवसर: पिछले एक साल में 951 नए उद्योग स्थापित हुए हैं, जिनसे लगभग 45,000 लोगों को रोजगार मिला है।
बुनियादी ढांचा: बस्तर से सरगुजा तक 23 नए औद्योगिक पार्क और क्षेत्र विकसित किए जा रहे हैं। महिला कार्यबल को बढ़ावा देने के लिए बिलासपुर में 20 करोड़ रुपये की लागत से दो कामकाजी महिला हॉस्टल बनाए जा रहे हैं।
श्रमिकों के लिए खुशहाली का बजट
श्रम विभाग के तहत असंगठित और संगठित क्षेत्र के लाखों मजदूरों के लिए कई बड़ी घोषणाएं की गईं:
शिक्षा पर जोर: ‘अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना’ के तहत अगले साल 200 श्रमिक बच्चों को प्रदेश के नामी स्कूलों में मुफ्त शिक्षा दिलाई जाएगी। वर्तमान में 96 बच्चे राजकुमार कॉलेज जैसे संस्थानों में पढ़ रहे हैं।
आवास और सहायता में वृद्धि: श्रमिक आवास सहायता राशि को 1 लाख से बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये कर दिया गया है। इसी तरह, ई-रिक्शा सहायता राशि भी अब 1.50 लाख रुपये होगी।
बजट आवंटन: असंगठित कर्मकार मंडल के लिए 128 करोड़ रुपये और कर्मचारी राज्य बीमा सेवाओं के लिए 76.38 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
आबकारी विभाग: राजस्व में रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी
वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग ने इस वर्ष वित्तीय प्रबंधन में शानदार प्रदर्शन किया है:
राजस्व वृद्धि: वर्ष 2024-25 में 10,145 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में 20.35% अधिक है।
नया मुख्यालय: नवा रायपुर में 15 करोड़ रुपये की लागत से एक ‘कम्पोजिट कार्यालय भवन’ बनाया जाएगा। इसमें आबकारी मुख्यालय के साथ-साथ प्रशिक्षण संस्थान और आधुनिक प्रयोगशाला भी होगी।
भर्तियां: विभाग की क्षमता बढ़ाने के लिए 85 उपनिरीक्षकों की नियुक्ति की गई है और 200 आरक्षकों की भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
















