छत्तीसगढ़ कैबिनेट के बड़े फैसले : धर्म परिवर्तन पर लगाम और भर्ती बोर्ड का गठन

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 10 मार्च को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के विकास और शासन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कई विधायी प्रारूपों को मंजूरी दी गई।
- धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026: अवैध धर्मांतरण पर सख्ती
राज्य सरकार ने ‘धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026’ के मसौदे को मंजूरी दे दी है। इस कानून का प्राथमिक लक्ष्य प्रलोभन, बल प्रयोग, धोखे या अनुचित प्रभाव के माध्यम से होने वाले अवैध धर्म परिवर्तन को रोकना है। सरकार का मानना है कि इससे राज्य की सांस्कृतिक अखंडता सुरक्षित रहेगी।
- नई भर्ती प्रणाली और परीक्षा पारदर्शिता
सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता लाने के लिए कैबिनेट ने दो प्रमुख विधेयकों को मंजूरी दी है:
छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल: तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के तकनीकी व गैर-तकनीकी पदों पर भर्ती के लिए एक समर्पित मंडल बनाया जाएगा।
अनुचित साधनों की रोकथाम विधेयक: परीक्षाओं में नकल और धांधली रोकने के लिए कड़े प्रावधान किए गए हैं, ताकि चयन प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनी रहे।
- वित्तीय राहत: संपत्ति पंजीकरण से उपकर खत्म
आम जनता को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) विधेयक 2026 को मंजूरी दी है। अब संपत्ति के हस्तांतरण पर लगने वाला अतिरिक्त 12% उपकर (Cess) समाप्त कर दिया जाएगा। यह शुल्क पूर्ववर्ती राजीव गांधी मितान क्लब योजना के वित्तपोषण के लिए लगाया गया था, जो अब प्रभावी नहीं है।
- अक्षय ऊर्जा को प्रोत्साहन (क्रेडा के नए अनुदान)
राज्य में सौर और बायोगैस ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए अनुदान की नई दरें निर्धारित की गई हैं:
सोलर हाईमास्ट: वर्ष 2024-26 के लिए 1.50 लाख रुपये की सब्सिडी मिलेगी। इसके बाद निविदा दर का 30% या 1.50 लाख रुपये (जो कम हो) का प्रावधान है।
बायोगैस संयंत्र: घरेलू बायोगैस इकाइयों के लिए 9,000 रुपये प्रति संयंत्र का अनुदान तय किया गया है।
- अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
राजनीतिक प्रकरणों की वापसी: मंत्रिपरिषद की उप-समिति की सिफारिश पर विशुद्ध रूप से राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े 13 अदालती मामलों को वापस लेने का निर्णय लिया गया है।
खेल विकास: राजनांदगांव जिला क्रिकेट एसोसिएशन को क्रिकेट अकादमी और आधुनिक खेल मैदान के लिए 5 एकड़ भूमि आवंटित की गई है।
कानूनी संशोधन: छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता (1959), नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, और गृह निर्माण मंडल अधिनियम में संशोधनों को मंजूरी दी गई है।
















