छत्तीसगढ़ में ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार : अब गाँवों में ही मिलेंगी गंभीर बीमारियों की दवाएं

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य की ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेश के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHCs) और उप-स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को सामान्य बीमारियों के साथ-साथ गंभीर रोगों की दवाएं भी आसानी से उपलब्ध होंगी। स्वास्थ्य विभाग के इस निर्णय से उन मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी जिन्हें मामूली दवाओं के लिए भी शहर के चक्कर काटने पड़ते थे।
अब जिला अस्पताल जाने की मजबूरी होगी खत्म
वर्तमान व्यवस्था के अनुसार, शुगर (मधुमेह), थायराइड और खून पतला करने वाली दवाएं केवल जिला अस्पतालों या मेडिकल कॉलेजों में ही उपलब्ध होती थीं। इसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को हर महीने लंबी दूरी तय कर शहर जाना पड़ता था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद, ये जीवनरक्षक दवाएं अब सीधे गाँव के नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों पर ही मिल सकेंगी।
दवाओं की सूची में भारी बढ़ोतरी
स्वास्थ्य विभाग ने अलग-अलग स्तर के केंद्रों पर दवाओं के स्टॉक और उनकी वैरायटी में बड़ा बदलाव किया है:
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHCs): दवाओं की संख्या 196 से बढ़ाकर 365 कर दी गई है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHCs): अब यहाँ 146 के बजाय 247 प्रकार की दवाएं मिलेंगी।
उप-स्वास्थ्य केंद्र: यहाँ दवाओं की उपलब्धता को बढ़ाकर 146 कर दिया गया है, जिसमें अब एंटीबायोटिक और दर्द निवारक इंजेक्शन भी शामिल होंगे।
सुलभ इलाज और बेहतर निगरानी
इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण आबादी के समय और पैसे की बचत करना है। विभाग का कहना है कि दवाओं की आपूर्ति बढ़ने के बाद इस पूरी व्यवस्था की समीक्षा भी की जाएगी। यदि वितरण या स्टॉक में कोई कमी पाई जाती है, तो उसे तत्काल सुधारा जाएगा ताकि मरीजों को बिना किसी बाधा के इलाज मिलता रहे।
















