छत्तीसगढ़ पुलिस को मिले 859 नए जांबाज : मुख्यमंत्री साय ने ली पासिंग आउट परेड की सलामी

रायपुर/चंदखुरी। रायपुर के चंदखुरी स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी में आज उत्साह और गौरव का माहौल रहा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने यहाँ आयोजित भव्य दीक्षांत समारोह (पासिंग आउट परेड) में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। मुख्यमंत्री ने परेड का बारीकी से निरीक्षण किया और नए अधिकारियों की टोली से सलामी ली।
प्रशिक्षण पूरा कर सेवा को तैयार हुए अधिकारी
इस दीक्षांत समारोह के साथ ही कुल 859 प्रशिक्षुओं का कड़ा प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। राष्ट्र और राज्य की सेवा के संकल्प के साथ पास आउट होने वाले इन अधिकारियों में शामिल हैं:
528 उप निरीक्षक (जीडी)
205 प्लाटून कमांडर
68 उप निरीक्षक (विशेष शाखा)
54 सूबेदार
इसके अतिरिक्त कंप्यूटर, रेडियो और फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ उप निरीक्षक भी इस दल का हिस्सा रहे।
“वर्दी केवल अधिकार नहीं, सेवा का संकल्प है”
प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन उनके जीवन का एक ऐतिहासिक मोड़ है। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले वर्ष जब इन युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए थे, तब वे केवल प्रतिभावान थे, लेकिन आज अकादमी से वे अनुशासन, आत्मविश्वास और कुशल नेतृत्व का गुण लेकर निकल रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि पुलिस सेवा का आधार सत्यनिष्ठा है। उन्होंने कहा, “जब कोई नागरिक असुरक्षित महसूस करता है, तो उसकी पहली उम्मीद पुलिस होती है। हमें जनता के इस भरोसे को हर हाल में कायम रखना है। वर्दी पहनना गर्व की बात है, लेकिन यह जनता की सुरक्षा के प्रति आपकी जिम्मेदारी का प्रतीक भी है।”
नए कानूनों के साथ पुलिसिंग का नया दौर
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने एक महत्वपूर्ण तथ्य साझा किया कि यह राज्य का पहला बैच है जिसने औपनिवेशिक कानूनों के स्थान पर लागू हुई नई संहिताओं—भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम—के तहत प्रशिक्षण प्राप्त किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि ये नए अधिकारी आधुनिक न्याय व्यवस्था को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
सुरक्षा, विकास और विश्वास का मंत्र
राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ‘सुरक्षा, विकास और विश्वास’ के तीन स्तंभों पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने पुलिस बल से आह्वान किया कि वे केवल कानून लागू करने वाली एजेंसी न रहकर एक ‘सक्रिय सेवा प्रदाता’ (Proactive Service Provider) बनें। उन्होंने स्पष्ट किया कि डर से इलाका जीता जा सकता है, लेकिन लोगों का दिल केवल विश्वास और नेक आचरण से ही जीता जाता है।
उत्कृष्टता का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को सम्मानित किया गया। सर्वेश कुमार, किरण, मीताली बुग्गे, देवेन्द्र सिंह सहित अन्य होनहार अधिकारियों को उनकी विशिष्ट उपलब्धियों के लिए ट्रॉफी और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।
इस गरिमामय अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा, अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ, डीजीपी सहित पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और प्रशिक्षुओं के गौरवान्वित परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
















