छत्तीसगढ़ पर्यटन का नया उदय : ‘फेम ट्रिप’ के जरिए देश भर में गूंजेगी राज्य की सांस्कृतिक विरासत

रायपुर। छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पटल पर स्थापित करने के लिए छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। 13 से 18 मार्च 2026 तक आयोजित इस विशेष फेम (FAM) ट्रिप के माध्यम से देश के विभिन्न कोनों से आए लगभग 28 प्रमुख टूर ऑपरेटरों और ट्रैवल एजेंटों को राज्य के अनछुए पर्यटन स्थलों का अनुभव कराया गया।
दो समूहों में छत्तीसगढ़ का दीदार
पर्यटन की संभावनाओं को गहराई से समझने के लिए प्रतिनिधियों को दो समूहों में बांटा गया, जिन्होंने राज्य के उत्तरी और दक्षिणी (बस्तर) क्षेत्रों का भ्रमण किया:
बस्तर का जादू: प्रतिनिधियों ने विश्व विख्यात चित्रकोट जलप्रपात की भव्यता को निहारा और बोटिंग का आनंद लिया। साथ ही, प्राचीन शिव मंदिर और बारसूर के ऐतिहासिक ‘बत्तीसा मंदिर’ व विशाल गणेश प्रतिमाओं के दर्शन कर राज्य की प्राचीन शिल्प कला की सराहना की।
स्थानीय संस्कृति से जुड़ाव: बस्तर के जीवंत हाट-बाजारों और पारंपरिक ‘मुर्गा लड़ाई’ जैसे आयोजनों ने आगंतुकों को जनजातीय जीवनशैली की गहराई से रूबरू कराया।
प्रशासनिक संवाद: सुरक्षा और सुविधाओं के प्रति आश्वस्त करने के लिए प्रतिनिधियों ने बस्तर के कमिश्नर, आईजी और एसपी से मुलाकात कर पर्यटन विकास की भावी योजनाओं पर चर्चा की।
सरगुजा और जशपुर की अलौकिक सुंदरता
राज्य के उत्तरी हिस्से में प्रतिनिधियों ने मैनपाट (छत्तीसगढ़ का शिमला) की वादियों का लुत्फ उठाया।
इको-टूरिज्म: ‘करमा एथेनिक रिजॉर्ट’ और ‘सैला रिसोर्ट’ के भ्रमण के साथ-साथ प्रतिनिधियों ने जशपुर के राजपुरी जलप्रपात और कुनकुरी स्थित विशाल गिरजाघर का अवलोकन किया।
होमस्टे का अनुभव: जशपुर के केरे विलेज में ‘महुआ होमस्टे’ ने ग्रामीण पर्यटन और स्थानीय आतिथ्य की एक नई तस्वीर पेश की।
पर्यटन को नई ऊंचाई देने का संकल्प
पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन और बोर्ड के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा व प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य के नेतृत्व में यह आयोजन छत्तीसगढ़ को एक प्रमुख ‘टूरिस्ट हब’ बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
“छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक विविधता और यहां का आत्मीय आतिथ्य अद्भुत है। हम अपने राज्यों में छत्तीसगढ़ को एक अनिवार्य पर्यटन गंतव्य के रूप में प्रचारित करेंगे।”
— भ्रमण पर आए टूर ऑपरेटरों की साझा प्रतिक्रिया
इस यात्रा का औपचारिक समापन 18 मार्च को रायपुर में होगा, जहाँ एक विस्तृत प्रस्तुति के माध्यम से भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा की जाएगी। इस पहल से उम्मीद है कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के पर्यटन क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में भारी वृद्धि होगी।
















