छत्तीसगढ़ मतदाता सूची : नाम जुड़वाने के लिए शेष 3 दिन, जल्द करें आवेदन

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान अपने अंतिम चरण में है। अगर आप राज्य के मतदाता हैं और आपका नाम सूची से कट गया है, तो आपके पास केवल 22 जनवरी तक का समय बचा है। अब तक लगभग 1.43 लाख लोग नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर चुके हैं।
आवेदन की स्थिति और महत्वपूर्ण आंकड़े
हालिया रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में मतदाता सूची के शुद्धिकरण के दौरान कुल 27.40 लाख नाम हटाए गए हैं। इनमें से लगभग 6.50 लाख मतदाता मृत पाए गए हैं। शेष बचे नामों में से अब तक केवल 1.43 लाख लोगों ने ही पुनः नाम जुड़वाने में रुचि दिखाई है।
नो-मैपिंग और सत्यापन की चुनौती
निर्वाचन आयोग के सामने सबसे बड़ी चुनौती उन 6.40 लाख मतदाताओं की है जो ‘नो-मैपिंग’ श्रेणी में हैं। ये वे लोग हैं जिनका पता बीएलओ (BLO) को नहीं मिल पाया या जो लंबे समय से अपने पते पर नहीं मिले। नोटिस और सुनवाई: ऐसे सभी लोगों को नोटिस भेजा जा चुका है।
प्रक्रिया: मतदाताओं को तय समय के भीतर एसडीएम (SDM) के समक्ष उपस्थित होकर निर्धारित 13 दस्तावेजों में से कोई एक प्रमाण देना होगा।
अंतिम निर्णय: दस्तावेजों की जांच के बाद इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) तय करेंगे कि नाम जोड़ा जाए या नहीं। यदि आप फैसले से संतुष्ट नहीं हैं, तो जिला कलेक्टर के पास अपील की जा सकती है।
अभी आवेदन न करने पर क्या होगा नुकसान?
जो मतदाता इस विशेष अभियान (SIR-2025) में अपना नाम दर्ज नहीं कराएंगे, उन्हें भविष्य में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। अगली बार नाम जुड़वाते समय उन्हें यह स्पष्ट करना होगा कि उन्होंने 2025 के अभियान में नाम क्यों नहीं जुड़वाया था।
2003 की सूची बन रही है आधार
वर्तमान में निर्वाचन आयोग 2003 की मतदाता सूची को सत्यापन का मुख्य आधार मान रहा है। जिन लोगों का नाम उस पुरानी सूची में नहीं मिल रहा है, उनसे रिश्तेदारों के संदर्भ मांगे जा रहे हैं। यदि वह भी उपलब्ध नहीं है, तो उन्हें ‘सी कैटेगरी’ में रखकर कठिन दस्तावेज प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है।
महत्वपूर्ण सूचना: विशेष सत्यापन अभियान 22 जनवरी से 21 फरवरी तक चलेगा, लेकिन दावा-आपत्ति और नाम जुड़वाने की आवेदन प्रक्रिया की समय सीमा नजदीक है।
















