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स्वतंत्रता दिवस 2025: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का संदेश

प्रिय प्रदेशवासियों, जय जोहार!

आप सभी को 79वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ। आज का दिन हम सभी के लिए गर्व का क्षण है, जब हम उन स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद करते हैं जिन्होंने हमें आज़ादी दिलाई। इस पावन अवसर पर, हम अपने वीर सपूतों को कृतज्ञतापूर्वक नमन करते हैं। इस वर्ष हम 79वाँ स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं, और साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य की 25वीं वर्षगाँठ को ‘छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव’ के रूप में मना रहे हैं, जिसका आज से शुभारंभ हो रहा है।

ऐतिहासिक विरासत और सम्मान

  • परलकोट विद्रोह के 200 वर्ष: परलकोट विद्रोह के नायकों को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद गेंदसिंह की वीरता आज भी लोगों को प्रेरणा देती है।
  • नायकों को नमन: शहीद वीरनारायण सिंह, हनुमान सिंह, वीर गुंडाधुर, यादव राव और वेंकट राव जैसे जनजातीय नायकों के बलिदान को याद किया गया।
  • राज्य के निर्माता को श्रद्धांजलि: पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को नमन करते हुए उनके शताब्दी वर्ष को ‘अटल निर्माण वर्ष’ के रूप में मनाने की घोषणा की गई।
  • लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान: आपातकाल के 50 वर्ष पूरे होने पर, लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सेनानियों को भी श्रद्धांजलि दी गई।

सरकार की प्राथमिकताएँ और उपलब्धियाँ

  • विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य: मुख्यमंत्री ने 2047 तक ‘विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़’ की परिकल्पना को साकार करने का संकल्प दोहराया। इसके लिए ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विज़न’ डॉक्यूमेंट तैयार किया गया है।
  • नक्सलवाद पर प्रहार:
    • पिछले 20 महीनों में 450 माओवादी बेअसर किए गए और 1578 को गिरफ्तार किया गया।
    • शीर्ष माओवादी नेताओं बसवराजू और सुधाकर को निष्क्रिय करने में सफलता मिली।
    • 1589 माओवादियों ने सरकार की समर्पण नीति से प्रभावित होकर हथियार डाले हैं।
    • नक्सलवाद प्रभावित इलाकों में विकास कार्य शुरू हुए हैं, जैसे 50 बंद स्कूलों को फिर से खोलना और गांवों में बिजली पहुँचाना।
    • कभी नक्सलियों का गढ़ माने जाने वाले पामेड़ में अब बैंक की शाखा खुल गई है।
  • नागरिकों को मिली गारंटी:
    • आवास: पहली कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए, साथ ही पीएम जनमन योजना और आवास प्लस 2.0 के तहत नए आवासों को मंजूरी दी गई।
    • महिला सशक्तिकरण: ‘महतारी वंदन योजना’ के तहत 70 लाख महिलाओं को हर महीने 1,000 की आर्थिक सहायता दी जा रही है। अब तक 11,728 करोड़ की राशि वितरित की जा चुकी है।
    • किसान कल्याण: ‘कृषक उन्नति योजना’ से किसानों को धान का रिकॉर्ड मूल्य मिल रहा है। धान के अलावा अन्य खरीफ फसलों के लिए प्रति एकड़ 10,000 से 11,000 की आदान सहायता राशि दी जाएगी।
    • श्रमिकों को लाभ: ‘दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषक मजदूर कल्याण योजना’ से 5.62 लाख भूमिहीन श्रमिकों को प्रतिवर्ष 10,000 की आर्थिक सहायता दी जा रही है।
    • स्वास्थ्य सेवाएँ: स्वास्थ्य केंद्रों को बेहतर बनाने के लिए 441 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं। नवा रायपुर में मेडिसिटी का निर्माण हो रहा है।

शिक्षा, प्रौद्योगिकी और अर्थव्यवस्था

  • शिक्षा का सुधार: नई शिक्षा नीति को लागू किया गया है, जिससे सुदूर गाँवों में भी शिक्षक-छात्र अनुपात बेहतर हुआ है। नवा रायपुर में ‘एजुकेशन सिटी’ और ‘साइंस सिटी’ बनाई जा रही हैं।
  • तकनीकी उन्नति: नवा रायपुर को सेंट्रल इंडिया की सिलिकॉन वैली के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहाँ नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी का कैंपस स्थापित होगा।
  • औद्योगिक विकास:
    • ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के लिए नई औद्योगिक नीति पर ज़ोर दिया गया है, जिससे ₹6.65 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
    • राज्य में पहली सेमीकंडक्टर यूनिट की स्थापना हो रही है।
    • ‘नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी’ का कैंपस नवा रायपुर में बनाया जा रहा है।
    • ‘लॉजिस्टिक नीति’ के माध्यम से ई-कॉमर्स को बढ़ावा मिलेगा।
  • आधारभूत संरचना:
    • रेलवे लाइन के निर्माण में तेजी लाई जा रही है।
    • रायपुर में स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डे पर कार्गो सुविधा शुरू की गई है।
    • धनबाद और विशाखापट्टनम जैसे केंद्रों को जोडऩे वाले एक्सप्रेस-वे का निर्माण हो रहा है।

सुशासन और अन्य पहलें

  • प्रशासनिक पारदर्शिता: ई-ऑफिस प्रणाली लागू की गई है और सरकारी खरीद में जेम पोर्टल का उपयोग हो रहा है। ‘सुशासन तिहार’ के माध्यम से 41 लाख से अधिक आवेदनों का समाधान किया गया।
  • ग्रामीण और शहरी विकास: ग्रामीण विकास पर नई सोच के साथ काम हो रहा है, और ‘मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना’ के तहत शहरों में सुधार कार्य किए जा रहे हैं।
  • कला और संस्कृति:
    • कलाकारों और साहित्यकारों की पेंशन 2,000 से बढ़ाकर 5,000 प्रति माह की गई है।
    • बैगा, गुनिया, सिरहा जैसे लोगों को 5,000 की वार्षिक सम्मान निधि मिलेगी।
    • ‘बस्तर पंडुम’ के आयोजन से बस्तर अब वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर आ गया है।
  • जनजातीय कल्याण:
    • तेंदूपत्ता संग्राहकों को मिलने वाली राशि 4,000 से बढ़ाकर 5,500 की गई।
    • ‘चरण पादुका योजना’ फिर से शुरू की गई है।

आत्मनिर्भरता और पर्यावरण

  • स्वदेशी पर जोर: प्रधानमंत्री मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को बढ़ावा देने का संकल्प लिया गया। स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग देशभक्ति का प्रतीक है।
  • ऊर्जा आत्मनिर्भरता: ‘हाफ बिजली बिल’ से ‘मुफ्त बिजली’ की ओर बढ़ते हुए, ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
  • पर्यावरण संरक्षण: भारतीय वन सर्वेक्षण की रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ में 683 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र में वृद्धि हुई है, जो देश में सबसे अधिक है।

अंत में, मुख्यमंत्री ने ‘जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान और जय अनुसंधान’ के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विज़न’ के रोडमैप के साथ, राज्य निश्चित रूप से विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करेगा। रायपुर में शीघ्र ही पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू की जाएगी। उन्होंने ‘विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़’ का संकल्प लेते हुए सभी स्वतंत्रता सेनानियों और वीर जवानों को पुनः नमन किया।

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