छत्तीसगढ़

किसानों की प्रगति के लिए हर संभव प्रयास करेगी हमारी सरकार : मुख्यमंत्री साय

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि किसान हमारे अन्नदाता हैं, हमारी सरकार किसानों की चिंता करने वाली सरकार है। राज्य सरकार किसानों की उतरोत्तर उन्नति के लिए हर संभव प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान भारत के प्रमुख धान उत्पादक राज्य के रूप में होती है। किसानों की मेहनत और परिश्रम के कारण ही यहां धान का विपुल उत्पादन होता है और छत्तीसगढ़ को ‘धान के कटोरे’ के नाम से जाना जाता है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शुक्रवार को दुर्ग जिले के ग्राम खपरी (कुम्हारी) में आयोजित ‘राष्ट्रीय कृषि मेला और संगोष्ठी’ को सम्बोधित कर रहे थे। कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, विधायक डोमलाल कोर्सेवाड़ा भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने देश के किसानों की चिंता की। उन्होंने किसानों को साहूकारों से मुक्ति दिलाने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड योजना शुरू की। उन्होंने देश और प्रदेश के करोड़ों किसानों को कम ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराने का काम किया। इससे किसानों को काफी राहत मिली। मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 साल की हमारी डॉ. रमन सिंह की राज्य सरकार के समय से ही प्रदेश के किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण देने का काम शुरू किया गया।  

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों की आय दोगुनी करने के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना सहित अनेक योजनाएं शुरू की। किसानों को जागरूक करने के उद्देश्य से किसान चैनल प्रारम्भ किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी को पूरा करते हुए हमारी सरकार के किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल के हिसाब से धान खरीदने का वादा पूरा किया। हमने किसानों को दो साल का बकाया धान बोनस देने का वायदा किया था, हमने यह वादा पूरा किया। किसानों को मोदी की गारंटी में 3100 रूपए प्रति क्विंटल में धान की खरीदी का वायदा पूरा करने के लिए समर्थन मूल्य से अंतर की राशि किसानों को जल्द ही एकमुश्त दी जाएगी। विगत 15 वर्षों में जब हमारी सरकार रही हमने किसानों को आर्थिक और तकनीकी रूप से मजबूत करने का काम किया। आज युवाओं के आदर्श स्वामी विवेकानंद की जयंती है, मैं आप सभी को बधाई देता हूं।

मुख्यमंत्री श् साय ने इस मौके पर भगवान श्रीराम के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं के लिए किसान संघ की ओर से लगभग 20 क्विंटल हरी सब्जियों से भरे दो ट्रकों को हरी झंडी दिखाकर अयोध्या धाम के लिये रवाना किया। उन्होंने इसके लिए किसान संघ को बधाई दी। उन्होंने कार्यक्रम में अंचल के उन्नत और प्रगतिशील किसानों को सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री साय ने किसान मेला में लगे विभिन्न स्टालों का अवलोकन करते हुए किसानों और विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों से चर्चा की। उन्होंने इस मौके पर उद्यानिकी विभाग के स्टॉल में प्रदर्शित एग्जॉटिक फ्रूट्स जैसे रोज़ वैक्स एप्पल, कश्मीरी एप्पल बेर एवं पैशन फ्रूट की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्टॉल भ्रमण के दौरान रोज़ वैक्स एप्पल का और कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने कश्मीरी एप्पल बेर का स्वाद चखा। साथ ही मुख्यमंत्री ने ऑयल पाम की खेती के बारे में जानकारी प्राप्त की।  

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए छत्तीसगढ युवा प्रगतिशील किसान संघ के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि शपथ ग्रहण के बाद यह पहला कार्यक्रम है, जिसमें किसानों के बीच आने का मौका मिला। किसानों के परिश्रम और प्रगतिशील सोच का परिणाम है, जिसके कारण हमारे किसान खेती-किसानी में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। प्रदेश के प्रगतिशील किसानों को अनेक मंचों पर सम्मानित किया गया। यह बहुत ही गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि यह किसानों की मेहनत और तकनीकी ज्ञान का ही फल है जिसके कारण छत्तीसगढ़ में उत्पादित फल, सब्जी, दुग्ध की दूसरे प्रदेशों में भी मांग हो रही है। किसानों को संबोधित करते हुए कहा नेताम ने कहा कि आप तकनीकी ज्ञान का उपयोग कर और आगे बढ़े हम सब छत्तीसगढ़ को उन्नत प्रदेश बनाना चाहते हैं, इसमें आप सभी का सहयोग आवश्यक है।

कार्यक्रम को स्थानीय विधायक डोमनलाल कार्सेवाड़ा ने भी सम्बोधित किया। उन्होंने अंचल में फ़ूड प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना की आवश्यकता बतायी।

इस अवसर पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी सहित कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार, कलेक्टर दुर्ग ऋचा प्रकाश चौधरी, संचालक कृषि श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी, संचालक उद्यानिकी व्ही. माथेश्वरन, इंदिरा गांधी कृषि विश्वद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के कुलपति आर. एस. कुरील सहित कृषि संघ के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में किसान तथा ग्रामीण उपस्थित थे।

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