आपसी रंजिश में हिस्ट्रीशीटर की पीट-पीटकर हत्या, 24 घंटे के भीतर 11 ग्रामीण गिरफ्तार

गरियाबंद। जिले के राजिम थाना क्षेत्र में एक आदतन अपराधी की बेरहमी से हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए वारदात के महज 24 घंटे के भीतर गांव के ही 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना राजिम के देवरी गांव की है। 29 दिसंबर की सुबह जब ग्रामीणों ने सड़क किनारे एक युवक का शव देखा, तो पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मृतक की पहचान देवरी निवासी हितेश्वर तारक के रूप में की। जांच में पता चला कि मृतक का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और राजिम थाने में उसके खिलाफ मारपीट और चोरी जैसे कुल 8 मामले दर्ज थे।
सुनियोजित तरीके से दिया वारदात को अंजाम
पुलिस की तफ्तीश में यह बात सामने आई कि पुरानी रंजिश के चलते गांव के ही कुछ लोगों ने मिलकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया। 28 दिसंबर की रात करीब 11 बजे, आरोपियों का एक समूह हितेश्वर के घर पहुँचा। वे उसे जबरन घसीटते हुए कोपार-बोरसी रोड तक ले गए। वहां आरोपियों ने लाठी-डंडों से उस पर तब तक हमला किया जब तक कि उसकी जान नहीं निकल गई। हत्या के बाद साक्ष्य छुपाने के इरादे से शव को गांव की सड़क के पास फेंक दिया गया था।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारियां
मृतक के पिता की शिकायत पर पुलिस ने संदिग्धों से पूछताछ शुरू की। कड़ाई से पूछताछ करने पर पूरा मामला खुल गया। पुलिस ने इस मामले में निम्नलिखित 11 लोगों को आरोपी बनाया है:
करण साहू, विमलेश साहू, थानचंद साहू, सुनील साहू, शिव साहू।
गजेंद्र साहू, लक्ष्मीचंद सतनामी, ओमप्रकाश सतनामी।
उमा शंकर यादव और नोहर विश्वकर्मा (अन्य सहित कुल 11)।
सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत के तहत जेल भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की आगे की कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर रही है।
















