छत्तीसगढ़ के कृषि उत्पादों को अब मिलेगी वैश्विक पहचान : रायपुर में एपीडा (APEDA) क्षेत्रीय कार्यालय का आगाज़

रायपुर। छत्तीसगढ़ की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए एक नए युग की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रायपुर में कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) के क्षेत्रीय कार्यालय का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम प्रदेश के किसानों और कृषि उद्यमियों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों के द्वार खोलने वाला एक ऐतिहासिक निर्णय साबित होगा।
मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि इस कार्यालय की स्थापना से राज्य के किसानों, कृषक उत्पादक संगठनों (FPOs) और स्थानीय निर्यातकों को अब सीधे वैश्विक खरीदारों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। इससे न केवल निर्यात की प्रक्रिया सरल होगी, बल्कि प्रदेश की कृषि को एक नई अंतरराष्ट्रीय पहचान भी मिलेगी।
वैश्विक बाजार में चमकेगी छत्तीसगढ़ की पहचान
‘इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट’ के दौरान इस पहल की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब उच्च-मूल्य वाले कृषि निर्यात के वैश्विक मानचित्र पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगा। विशेष रूप से राज्य की जीआई (GI) टैग प्राप्त विशिष्ट चावल की किस्में, जैसे जीराफूल और नागरी दुबराज, अब विदेशों के डाइनिंग टेबल तक आसानी से पहुँच सकेंगी।
किसानों की आय में वृद्धि और निर्यात सुदृढ़ीकरण
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस बात पर जोर दिया कि “डबल इंजन सरकार” का मुख्य ध्येय किसानों की समृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है। एपीडा का स्थानीय कार्यालय निम्नलिखित लाभ प्रदान करेगा:
सरल निर्यात प्रक्रिया: दस्तावेजीकरण और लॉजिस्टिक्स में स्थानीय सहायता मिलेगी।
गुणवत्ता मानक: अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उत्पादों की ग्रेडिंग और पैकेजिंग सुनिश्चित होगी।
बेहतर मूल्य: बिचौलियों की भूमिका कम होने से किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य मिलेगा।
उद्यमिता को बढ़ावा: कृषि आधारित नए उद्योगों और स्टार्टअप्स के लिए बेहतर इकोसिस्टम तैयार होगा।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह संस्थागत ढांचा छत्तीसगढ़ को कृषि निर्यात के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों की पंक्ति में खड़ा करेगा, जिससे राज्य के अन्नदाताओं का भविष्य और अधिक सुरक्षित और खुशहाल बनेगा।
















