छत्तीसगढ़ के बुनियादी ढांचे को मिलेगी नई रफ़्तार : डिप्टी सीएम साव ने नितिन गडकरी से की महत्वपूर्ण मुलाकात

रायपुर। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री और लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की। इस उच्च स्तरीय बैठक में राज्य की सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने और यातायात सुगमता के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के मुख्य बिंदु और प्रस्तावित परियोजनाएं
उपमुख्यमंत्री साव ने केंद्र सरकार के समक्ष छत्तीसगढ़ के विकास के लिए निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखीं:
बिलासपुर के लिए 32 किमी फोरलेन बायपास: शहर के बढ़ते यातायात दबाव और जाम की समस्या को देखते हुए, हाई कोर्ट बोदरी से सेंदरी तक एक नए बायपास के निर्माण का प्रस्ताव दिया गया है। यह बायपास शहर के लॉजिस्टिक पार्क और ट्रांसपोर्ट नगर को सीधे रायपुर मार्ग से जोड़ेगा।
रायपुर-बिलासपुर 6-लेन एक्सप्रेसवे: भारतमाला परियोजना के तहत आरंग से दर्री (बिलासपुर) के बीच 95 किलोमीटर लंबे 6-लेन मार्ग की स्वीकृति मांगी गई है। इससे दोनों शहरों के बीच की यात्रा मात्र 1 घंटे में पूरी हो सकेगी।
समृद्धि महामार्ग का विस्तार: मुंबई-नागपुर समृद्धि एक्सप्रेसवे को रायपुर तक विस्तारित करने का आग्रह किया गया है। यह 8-लेन ग्रीनफील्ड सड़क छत्तीसगढ़ के इस्पात और सीमेंट उद्योगों के लिए गेम-चेंजर साबित होगी।
नए राष्ट्रीय राजमार्ग: राज्य सरकार ने 8 महत्वपूर्ण सड़कों को ‘राष्ट्रीय राजमार्ग’ का दर्जा देने और 13 मौजूदा राजमार्ग खंडों के नवीनीकरण के लिए बजट आवंटन का अनुरोध किया है।
औद्योगिक विकास और कनेक्टिविटी पर जोर
मुलाकात के दौरान अरुण साव ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ के उत्तर में कोयला खदानें और दक्षिण में लौह अयस्क के भंडार हैं। बेहतर सड़क नेटवर्क न केवल औद्योगिक गतिविधियों को गति देगा, बल्कि खनिज परिवहन को भी सुगम बनाएगा।
“रायपुर-नागपुर-मुंबई एक्सेस कंट्रोल कॉरिडोर से राज्य में आर्थिक समृद्धि के नए द्वार खुलेंगे और आम जनता का आवागमन सुरक्षित व तेज होगा।” — अरुण साव, उपमुख्यमंत्री
इस बैठक से उम्मीद जगी है कि केंद्र की हरी झंडी मिलते ही छत्तीसगढ़ में सड़क बुनियादी ढांचे का कायाकल्प होगा, जिससे समय, ईंधन और ऊर्जा की भारी बचत होगी।
















