छत्तीसगढ़ में समय से पहले तपने लगी धरती, मार्च में ही पारा 39 डिग्री के पार

रायपुर। छत्तीसगढ़ में इस साल मार्च की शुरुआत के साथ ही सूरज के तेवर तल्ख होने लगे हैं। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में चिलचिलाती धूप ने लोगों को मई-जून जैसी गर्मी का अहसास कराना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, कई जिलों में दिन का तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक ऊपर चला गया है।
प्रमुख जिलों का तापमान और स्थिति
वर्तमान में प्रदेश का मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है, जिससे गर्मी का प्रभाव और अधिक गहरा रहा है।
सबसे गर्म क्षेत्र: दुर्ग और राजनांदगांव इस समय प्रदेश के सबसे गर्म जिले बने हुए हैं, जहाँ पारा 39°C तक पहुँच गया है।
न्यूनतम तापमान: जहाँ मैदानी इलाकों में लू जैसे हालात हैं, वहीं अंबिकापुर में रातें अब भी थोड़ी ठंडी हैं, यहाँ न्यूनतम तापमान 16.4°C दर्ज किया गया है।
रायपुर का हाल: राजधानी में हल्की धुंध रहने की संभावना है, साथ ही यहाँ अधिकतम तापमान 38°C और न्यूनतम 23°C के आसपास बने रहने का अनुमान है।
मौसम के पीछे के वैज्ञानिक कारण
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, वायुमंडल में हो रहे कुछ विशेष बदलावों के कारण यह गर्मी बढ़ी है:
चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation): दक्षिण झारखंड और उत्तरी छत्तीसगढ़ के ऊपर लगभग 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक चक्रवाती सिस्टम बना हुआ है।
द्रोणिका (Trough Line): ओडिशा से लेकर विदर्भ और मराठवाड़ा तक छत्तीसगढ़ के रास्ते एक ट्रफ लाइन गुजर रही है, जिसका प्रभाव स्थानीय मौसम पर पड़ रहा है।
आगामी दिनों का पूर्वानुमान
मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल राहत मिलने के कोई आसार नहीं हैं।
स्थिरता: अगले तीन दिनों तक तापमान में किसी बड़े उतार-चढ़ाव की उम्मीद नहीं है।
शुष्कता: पूरे प्रदेश में बारिश की कोई संभावना नहीं है, जिससे शुष्क गर्मी का दौर जारी रहेगा।
















