छत्तीसगढ़ का ‘प्रयाग’ गुलजार : राजिम कुंभ कल्प का भव्य शुभारंभ

रायपुर। छत्तीसगढ़ की पावन धरा राजिम में आज से राजिम कुंभ कल्प का आगाज हो गया है। माघी पूर्णिमा के शुभ अवसर पर महानदी, पैरी और सोंढुर के इस त्रिवेणी संगम पर आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। केवल राजिम ही नहीं, बल्कि रुद्री के रुद्रेश्वर घाट, सिहावा के कर्णेश्वर धाम और डोंगापथरा के डोंगेश्वर घाट पर भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी जा रही है।
आज तड़के 4 बजे से ही भक्तों ने पवित्र नदी में डुबकी लगाकर भगवान कुलेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया और सुख-समृद्धि की कामना की।
आयोजन की मुख्य विशेषताएं और समय-सारणी
इस वर्ष का मेला विशेष धार्मिक गतिविधियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से भरपूर होगा:
संत समागम: 10 फरवरी से आध्यात्मिक संतों का आगमन और विशेष प्रवचन शुरू होंगे।
समापन: यह महोत्सव 15 फरवरी तक चलेगा।
संध्या आरती: प्रतिदिन शाम 6:30 बजे भव्य महाआरती का आयोजन होगा।
सांस्कृतिक मंच: शाम 7 बजे से विभिन्न कलाकारों द्वारा प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाएं
प्रशासन ने इस बार संगम क्षेत्र में बुनियादी ढांचे पर काफी ध्यान दिया है:
विशाल घाट: शाही स्नान के लिए 100 मीटर लंबा और महाआरती के लिए 120 मीटर का विशेष घाट तैयार किया गया है।
आवास व्यवस्था: संतों और दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं के रुकने के लिए विशेष कुटिया और विशाल डोम बनाए गए हैं।
रोशनी और सजावट: नवनिर्मित लक्ष्मण झूला मेले का मुख्य आकर्षण है, जिसे आकर्षक रंगीन लाइटों से सजाया गया है।
अस्थाई निर्माण: नदी के रेतीले हिस्से में आवागमन के लिए अस्थाई सड़कें और स्नान के लिए सुरक्षित कुंडों का निर्माण किया गया है।
सुरक्षा और कड़े नियम
मेले के सुचारू संचालन के लिए प्रशासन ने कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
सुरक्षा व्यवस्था: भारी भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त की जा रही है।
यातायात और परिवहन: ट्रैफिक जाम से बचने के लिए पुलिस के विशेष पॉइंट्स बनाए गए हैं और श्रद्धालुओं के लिए रात्रिकालीन बस सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
पूर्ण प्रतिबंध: मेले की पवित्रता बनाए रखने के लिए अगले 15 दिनों तक क्षेत्र में मांस, मछली और शराब की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
आपातकालीन सेवाएं: स्वास्थ्य विभाग की टीमें, फायर ब्रिगेड और क्रेन को चौबीसों घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है।
स्वच्छता: कचरा प्रबंधन और सफाई के लिए कड़े नियम लागू किए गए हैं, साथ ही रियायती दरों पर भोजन के लिए दाल-भात केंद्रों की व्यवस्था की गई है।
















