मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना : अब पढ़ाई के साथ रहने का खर्च भी उठाएगी सरकार

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों के लिए एक बड़ा निर्णय लिया है। अक्सर कॉलेजों में छात्रावास (हॉस्टल) की सीटें सीमित होने के कारण बहुत से छात्र प्रवेश से वंचित रह जाते थे। इस समस्या को दूर करने के लिए अब सरकार छात्रों को निजी तौर पर कमरा लेकर रहने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करेगी।
किसे और कितनी मिलेगी सहायता?
इस योजना के तहत छात्रों को उनके निवास स्थान के आधार पर हर महीने वित्तीय मदद दी जाएगी:
रायपुर (राजधानी): यहाँ रहने वाले छात्रों को 3,000 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे।
अन्य संभागीय मुख्यालय: अन्य प्रमुख शहरों में रहने वाले छात्रों को 2,500 रुपये प्रति माह की सहायता मिलेगी।
पात्रता और मुख्य विवरण
सरकार ने इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ मापदंड तय किए हैं:
विवरण,जानकारी
लक्षित वर्ग, “अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC)”
शैक्षणिक स्तर,स्नातक (UG) और स्नातकोत्तर (PG) के विद्यार्थी
लागू होने का समय,जून से शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र से
उद्देश्य,हॉस्टल न मिलने पर छात्रों को वित्तीय सुरक्षा देना
योजना की जरूरत क्यों पड़ी?
अब तक प्रदेश में पोस्ट मैट्रिक छात्रावासों में सीटों की भारी कमी थी। हॉस्टल न मिल पाने की स्थिति में छात्रों को या तो कॉलेज से बहुत दूर स्थित सरकारी छात्रगृहों में रहना पड़ता था या फिर निजी मकानों का महंगा किराया चुकाना पड़ता था।
इसी असुविधा को देखते हुए सरकार ने पुरानी ‘छात्रगृह योजना’ को बंद कर ‘मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना’ का ड्राफ्ट तैयार किया है। इससे छात्र अपने कॉलेज या विश्वविद्यालय के पास ही कमरा लेकर रह सकेंगे और उनका कीमती समय और पैसा दोनों बचेगा।
विशेष नोट: यह योजना उन छात्रों के लिए एक बड़ी राहत है जो अपनी आर्थिक स्थिति के कारण शहरों में पढ़ाई का खर्च वहन नहीं कर पा रहे थे। इससे ड्रॉपआउट दर में कमी आने की उम्मीद है।
















