चार श्रम संहिताओं (लेबर कोड्स) के लागू होने पर मुख्यमंत्री साय ने जताया प्रधानमंत्री मोदी का आभार, बताया ऐतिहासिक निर्णय

रायपुर। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को चार श्रम संहिताओं को लागू कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के माध्यम से इसकी जानकारी दी।
इन चार लेबर कोड्स के लागू होने के बाद, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने इस निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह देश के उद्योगों, कामगारों और एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) सेक्टर के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है।
एमएसएमई का विस्तार और रोज़गार सृजन
मुख्यमंत्री साय ने ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि स्वतंत्रता के बाद यह सबसे व्यापक और प्रगतिशील श्रम सुधार हैं। ये सुधार श्रमिकों को सशक्त बनाते हैं और ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस (व्यवसाय करने में सुगमता) को एक नई गति प्रदान करते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि इन सुधारों का सीधा लाभ छत्तीसगढ़ को भी मिलेगा। राज्य की ‘औद्योगिक विकास नीति 2024-30’ में निर्धारित लक्ष्यों, जैसे औद्योगिक विकास, नए निवेश, एमएसएमई का विस्तार और रोजगार सृजन, को ये संहिताएं लागू होने से और अधिक बल मिलेगा। सरल अनुपालन और पारदर्शी प्रक्रियाएं छत्तीसगढ़ को देश के सबसे आकर्षक निवेश गंतव्यों में से एक के रूप में स्थापित करेंगी।
श्रमिक वर्ग के लिए बड़ी राहत
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने पोस्ट में उल्लेख किया कि लेबर कोड्स लागू होने से श्रमिक वर्ग को भी बड़ी राहत मिलेगी।
इसके मुख्य लाभों में शामिल हैं:
न्यूनतम वेतन की प्रभावी गारंटी
सामाजिक सुरक्षा
सुरक्षित कार्यस्थल
समय पर वेतन भुगतान
सेवा-शर्तों की स्पष्टता
उन्होंने कहा कि ये सभी लाभ श्रमिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाएंगे और उद्योग-श्रमिक संबंधों को स्थिर बनाएंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री का हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में यह ऐतिहासिक सुधार छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास और श्रमिक कल्याण को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।
29 कानूनों के स्थान पर 4 श्रम संहिताएं
भारत सरकार ने 21 नवंबर, 2025 से चार श्रम संहिताओं को लागू करने की घोषणा की है। इन्हें 29 मौजूदा श्रम कानूनों के स्थान पर लागू किया जा रहा है।
चार श्रम संहिताएं हैं:
वेतन संहिता, 2019
औद्योगिक संबंध संहिता, 2020
सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020
व्यवसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य शर्त संहिता, 2020
श्रम नियमावली को आधुनिक बनाकर, मजदूरों की भलाई को बढ़ाकर और श्रम इकोसिस्टम को काम की बदलती दुनिया के साथ जोड़कर, यह ऐतिहासिक कदम भविष्य के लिए तैयार कार्यबल और एक मज़बूत, उद्योग-अनुकूल आधारशिला रखता है, जो आत्मनिर्भर भारत के लिए श्रम सुधारों को आगे बढ़ाएगा।
















