मुख्यमंत्री साय ने होला मोहल्ला यात्रा को दिखाई हरी झंडी : सिख गुरुओं के त्याग को बताया राष्ट्र की प्रेरणा

रायपुर। रायपुर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सिख समुदाय की गौरवशाली परंपराओं और उनके अटूट साहस की सराहना की।
सिख संगत की धार्मिक यात्रा का शुभारंभ
रविवार शाम राजधानी रायपुर के रेलवे स्टेशन स्थित गुरुद्वारे में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मत्था टेककर प्रदेश की उन्नति और शांति की कामना की। इस दौरान उन्होंने होला मोहल्ला के उपलक्ष्य में आयोजित विशेष यात्रा के लिए निःशुल्क बसों के काफिले को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
यात्रा का विवरण और महत्व
यह यात्रा सिख समाज की अटूट आस्था और एकता का जीवंत उदाहरण है। इस वर्ष की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
श्रद्धालु: लगभग 1200 भक्त इस आध्यात्मिक यात्रा में शामिल हैं।
गंतव्य: श्रद्धालु महाराष्ट्र स्थित श्री हजूर साहिब (नांदेड़) और कर्नाटक के गुरुद्वारा नानक झीरा साहिब (बीदर) के दर्शन करेंगे।
वाहन: संगत की सुविधा के लिए 17 बसें, 2 ट्रक और अन्य सहायक वाहन साथ भेजे गए हैं।
मुख्यमंत्री का संबोधन: शौर्य और सेवा की विरासत
श्रद्धालुओं को मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सिख गुरुओं का जीवन मानवता के लिए त्याग और सेवा की सबसे बड़ी पाठशाला है। उनके अनुसार:
“गुरु गोबिंद सिंह जी की शिक्षाएं और होला मोहल्ला जैसी परंपराएं केवल धार्मिक आयोजन नहीं हैं, बल्कि ये साहस, राष्ट्रभक्ति और समर्पण का प्रतीक हैं। सिख गुरुओं द्वारा दिखाया गया मार्ग हमें सदैव देश सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।”
मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष प्रसन्नता व्यक्त की कि सिख समाज पिछले 25 वर्षों से निरंतर इस गौरवशाली परंपरा का निर्वहन कर रहा है। उन्होंने इस रजत जयंती वर्ष के आयोजन के लिए पूरी कमेटी को बधाई दी।
कार्यक्रम में गणमान्य उपस्थिति
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत सिंह छाबड़ा और गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र सिंह छाबड़ा सहित सिख समाज के कई वरिष्ठ प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
















