छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री साय ने संभाग स्तरीय बस्तर ओलम्पिक का किया विधिवत शुभारंभ

जगदलपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जगदलपुर के इंदिरा प्रियदर्शिनी स्टेडियम में आयोजित संभाग स्तरीय बस्तर ओलम्पिक 2025 का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने पूरे बस्तर संभाग के खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और कहा, “आपका मुख्यमंत्री आपके समाज के बीच का है, आपका भाई है… आप आगे बढ़ें, सरकार हर कदम पर आपके साथ खड़ी है।”

बस्तर शांति, समृद्धि और विकास की ओर अग्रसर

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार बस्तर के गाँव-गाँव तक विकास की धारा पहुँचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है, जिसके परिणामस्वरूप बस्तर अब शांति, समरसता और समृद्धि की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है और प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

उन्होंने इस आयोजन की सफलता पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि बड़ी संख्या में बस्तर के युवाओं ने इसमें भाग लेकर इसे ऐतिहासिक बना दिया है। सबसे खुशी की बात यह है कि नुवाबाट (नक्सल प्रभावित क्षेत्र) के प्रतिभागियों ने भी उत्साहपूर्वक शामिल होकर इसे एक विशेष आयाम दिया है। बेटियों और बहनों की बड़ी सहभागिता यह दर्शाती है कि बस्तर में महिला सशक्तिकरण नई दिशा ले रहा है।

युवाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच के लिए तैयार करेगी सरकार

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार बस्तर के युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें विकास में भागीदार बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बस्तर ओलम्पिक खेल प्रतियोगिता के विजेता आने वाले समय में अन्य खिलाड़ियों के लिए रोल मॉडल बनेंगे।

उन्होंने घोषणा की कि सरकार बस्तर के युवाओं को बेहतर अवसर और प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करेगी। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक स्पर्धाओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए सम्मान निधि की घोषणा भी की:

पदक,सम्मान निधि
गोल्ड (स्वर्ण),₹3 करोड़
सिल्वर (रजत),₹2 करोड़
ब्रॉन्ज (कांस्य),₹1 करोड़

बस्तर ओलम्पिक: विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का माध्यम

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने इस अवसर पर कहा कि बस्तर ओलम्पिक केवल युवाओं को खेल के माध्यम से आगे बढ़ाने की पहल नहीं है, बल्कि यह उन्हें विकास की मुख्यधारा में शामिल करने का माध्यम भी है। उन्होंने बस्तर में खेल अधोसंरचना को और मजबूत करने का आश्वासन दिया।

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने भी खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि यह बस्तर के अंदरूनी इलाकों के युवाओं को अधिक अवसर देने का एक सकारात्मक प्रयास है।

इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप और ओलंपिक पदक विजेता पद्मश्री एम.सी. मेरीकॉम ने भी उपस्थित होकर खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया।

बस्तर ओलम्पिक में बढ़ी ऐतिहासिक भागीदारी

खेल एवं युवा कल्याण संचालक, सुश्री तनुजा सलाम ने अपने स्वागत उद्बोधन में बताया कि संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, बस्तर और नुवा बाट क्षेत्रों के करीब 3,500 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि पिछले वर्ष के 1,65,000 प्रतिभागियों की तुलना में इस वर्ष 3,92,000 से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है, जिनमें 2,27,000 से अधिक महिला प्रतिभागी शामिल हैं। यह आंकड़ा बस्तर में एक सकारात्मक परिवर्तन की नई लहर को दर्शाता है।

पूवर्ती के विजय डोडी और ओरछा की सलोनी बनीं मशालवाहक

कार्यक्रम का शुभारंभ खिलाड़ियों द्वारा मशाल प्रज्ज्वलन और आतिशबाजी के साथ हुआ। मुख्यमंत्री श्री साय, मंत्रीगण और बॉक्सर पद्मश्री मेरी कॉम ने औपचारिक रूप से उद्घाटन किया।

मुख्यमंत्री द्वारा मशाल प्रज्ज्वलित किए जाने के बाद यह गौरवशाली मशाल सुकमा जिले के सुदूर अंचल पूवर्ती के कबड्डी खिलाड़ी विजय डोडी और नारायणपुर जिले के ओरछा ब्लॉक की खो-खो खिलाड़ी सलोनी कवाची को सौंपी गई। माओवाद प्रभावित क्षेत्रों से आए इन प्रतिभावान खिलाड़ियों ने पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ ग्राउंड की परिक्रमा करते हुए मशाल को मुख्य प्रज्ज्वलन स्थल तक पहुँचाया।

यह क्षण सुकमा और नारायणपुर जिलों के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण था, जिसने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि बस्तर की माटी में असीम खेल प्रतिभाएं हैं और राज्य सरकार उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए दृढ़ संकल्पित है।

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