मुख्यमंत्री साय ने किया एरोकॉन 2025 का शुभारंभ, कैंसर उपचार और शोध में मिलेगी नई दिशा

रायपुर। छत्तीसगढ़ के लोगों का स्वास्थ्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने यह बात कही। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि राज्य के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ प्रदान करने के लिए पैसों की कमी कभी आड़े नहीं आएगी। मुख्यमंत्री श्री साय सोमवार को राजधानी रायपुर में पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज सभागार में ‘एरोकॉन 2025’ के दो दिवसीय आयोजन का उद्घाटन कर रहे थे, जिसमें छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। इस मौके पर उन्होंने रायपुर मेडिकल कॉलेज के छात्रों के लिए ₹65 करोड़ की लागत से एक नया छात्रावास बनाने की भी घोषणा की।
कैंसर के इलाज में मिली नई उम्मीदें
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हज़ारों मरीज़, विशेषज्ञ डॉक्टरों के परिश्रम और आधुनिक उपचार पद्धतियों के कारण नया जीवन पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों में कैंसर की शुरुआती पहचान और उपचार के क्षेत्र में हुए रिसर्च से भविष्य के लिए नई उम्मीदें जगी हैं। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हर ज़िले में कैंसर डे-केयर सेंटर बनाए जा रहे हैं और छत्तीसगढ़ भी इस दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि ‘मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना’ के तहत राज्य में कई मरीज़ों का इलाज संभव हो पाया है। जीएसटी में कैंसर की दवाओं और उपकरणों को सस्ता करने से मरीज़ों को बड़ी राहत मिली है। श्री साय ने यह भी बताया कि सरकारी अस्पतालों में कैंसर के इलाज के लिए आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज ही एम्स रायपुर में रोबोटिक सर्जरी सिस्टम की शुरुआत की जा रही है, जो यह साबित करता है कि सरकारी अस्पताल भी आधुनिक तकनीक को अपनाने में पीछे नहीं हैं। उन्होंने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कैंसर की पहचान में बहुत उपयोगी साबित हो रहा है और राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में इसका उपयोग तेज़ी से बढ़ा रही है।
स्वास्थ्य बजट में लगातार वृद्धि
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार लगातार स्वास्थ्य बजट बढ़ा रही है और नए मेडिकल कॉलेज खोल रही है। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में 5,000 बिस्तरों की क्षमता वाली मेडिसिटी का निर्माण किया जा रहा है। सरकार बस्तर और सरगुजा जैसे दूरदराज़ के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि सरगुजा, धरमजयगढ़ और बस्तर में नए अस्पताल बनाए जाएँगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि ‘एरोकॉन 2025’ जैसी संगोष्ठियाँ कैंसर की रोकथाम और उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होंगी।
विशेषज्ञों का योगदान और भविष्य की योजनाएँ
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि ‘एरोकॉन 2025’ के सातवें आयोजन में कैंसर उपचार से जुड़े कई विशेषज्ञ एक साथ आए हैं, जिससे इस बीमारी के इलाज में नए रास्ते खुलेंगे। उन्होंने कहा कि रायपुर का मेकाहारा अस्पताल सिर्फ़ छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि मध्य भारत के अन्य राज्यों के मरीज़ों के लिए भी एक प्रमुख उपचार केंद्र है। भविष्य में यहाँ अत्याधुनिक तकनीक और मशीनों से चिकित्सा सेवाओं को और मज़बूत किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि रायपुर मेडिकल कॉलेज राज्य का सबसे बड़ा कैंसर सेंटर है, जहाँ आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध हैं। उन्होंने जानकारी दी कि आने वाले समय में राज्य में छह फिजियोथेरेपी कॉलेज बनेंगे, बस्तर और सरगुजा में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल शुरू होंगे। इसके अलावा, मानसिक रोगियों के लिए अलग अस्पताल और नेचुरोपैथी कॉलेज भी खोले जाएँगे। मेकाहारा अस्पताल में ₹232 करोड़ की लागत से 700 बिस्तरों की क्षमता बढ़ाई जाएगी और रोबोटिक सर्जरी और आईवीएफ सेंटर जैसी आधुनिक सुविधाएँ भी उपलब्ध होंगी।
इस कार्यक्रम में विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, मेडिकल कॉलेज रायपुर के डीन डॉ. विवेक चौधरी, आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पी.के. पात्रा, विशेषज्ञ डॉक्टर, छात्र और अन्य गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद थे।
















