छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश में अजीम प्रेमजी स्कॉलरशिप योजना का किया शुभारंभ

रायपुर। हमारी बेटियों की शिक्षा से आने वाली पीढ़ियाँ भी शिक्षित होती हैं। छत्तीसगढ़ सरकार बेटियों की उच्च शिक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने यह बात रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय से अजीम प्रेमजी छात्रवृत्ति योजना के शुभारंभ के अवसर पर कही।

अजीम प्रेमजी छात्रवृत्ति योजना: बेटियों के सपनों को मिली नई उड़ान

मुख्यमंत्री श्री साय ने अजीम प्रेमजी फाउंडेशन की सराहना करते हुए कहा कि यह छात्रवृत्ति योजना हज़ारों बेटियों को उनके सपनों को साकार करने का अवसर देगी। उन्होंने बताया कि पिछले 25 सालों में छत्तीसगढ़ ने चौतरफा विकास किया है और इसमें बेटियों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे प्रदेश का गौरव बढ़ा है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि आर्थिक समस्याओं के कारण कोई भी बेटी अपनी पढ़ाई बीच में न छोड़े, और इसी सोच के साथ यह पहल शुरू की गई है। यह योजना राज्य में लड़कियों की उच्च शिक्षा में नामांकन दर को बढ़ाने में भी सहायक होगी।

प्रधान मंत्री के ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान को मिला प्रोत्साहन

श्री साय ने कहा कि यह छात्रवृत्ति योजना प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान को आगे बढ़ाएगी। इसके तहत, सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली और कम आय वर्ग की छात्राओं को विशेष रूप से मदद मिलेगी, जिससे वे अपनी आगे की पढ़ाई जारी रख पाएँगी।

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि जब लड़कियाँ पढ़ती हैं, तो वे सिर्फ दो परिवारों को ही नहीं, बल्कि पूरी पीढ़ियों को शिक्षित करती हैं। उन्होंने सभी कॉलेजों में इस योजना की जानकारी व्यापक रूप से पहुँचाने के निर्देश दिए।

योजना के मुख्य बिंदु

यह योजना उन नियमित छात्राओं के लिए है, जिन्होंने छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों से 10वीं और 12वीं कक्षा पास की है। जो छात्राएँ 2025-26 के शैक्षणिक सत्र में स्नातक या डिप्लोमा के प्रथम वर्ष में किसी भी मान्यता प्राप्त भारतीय संस्थान में दाखिला लेंगी, वे इस छात्रवृत्ति के लिए पात्र होंगी।

आवेदन करने के लिए कोई शुल्क नहीं लगेगा। इच्छुक छात्राएँ अजीम प्रेमजी फाउंडेशन की वेबसाइट https://azimpremjifoundation.org/what-we-do/education/azim-premji-scholarship/ पर या QR कोड स्कैन करके ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं।

आवेदन दो चरणों में स्वीकार किए जाएँगे:

पहला चरण: 10 सितंबर से 30 सितंबर 2025 तक

दूसरा चरण: 10 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक

इस योजना से जुड़ी किसी भी धोखाधड़ी या शिकायत की जानकारी होने पर scholarship@azimpremjifoundation.org पर ईमेल किया जा सकता है।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वन मंत्री श्री केदार कश्यप और अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण भी उपस्थित थे।

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