मुख्यमंत्री साय ने जननायक कुशाभाऊ ठाकरे को उनकी पुण्यतिथि पर किया नमन

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज महान जननायक और संगठन शिल्पी कुशाभाऊ ठाकरे की पुण्यतिथि पर उन्हें सादर श्रद्धांजलि अर्पित की। राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री ने ठाकरे जी के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके योगदान को याद किया।
इस अवसर पर उनके साथ सांसद संतोष पाण्डेय, विधायक प्रबोध मिंज, विधायक पुरन्दर मिश्रा सहित अन्य वरिष्ठ जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
सादगी और सेवा का प्रतीक: मुख्यमंत्री के विचार
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कुशाभाऊ ठाकरे जी के आदर्शों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा:
राष्ट्र प्रथम का संकल्प: ठाकरे जी का पूरा जीवन राष्ट्र की उन्नति और समाज के अंतिम व्यक्ति की सेवा के लिए समर्पित था।
राजनीति का उद्देश्य: उनके लिए राजनीति सत्ता पाने का माध्यम नहीं, बल्कि लोक-कल्याण का एक पवित्र मार्ग थी।
अनुशासन और मूल्य: मूल्य-आधारित राजनीति, नैतिक चरित्र और अटूट अनुशासन उनके व्यक्तित्व की मुख्य पहचान थे।
छत्तीसगढ़ से गहरा नाता: मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि ठाकरे जी का छत्तीसगढ़ की माटी से गहरा और आत्मीय जुड़ाव रहा है, जो आज भी प्रदेशवासियों के लिए गौरव की बात है।
लोकतंत्र के सजग प्रहरी
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि भारतीय लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने और लोकतांत्रिक मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाने में ठाकरे जी की भूमिका अविस्मरणीय है। अपनी सादगी और मिलनसार स्वभाव के कारण वे सहज ही लोगों के दिलों में जगह बना लेते थे।
निष्कर्ष: अंत में श्री साय ने कहा कि कुशाभाऊ ठाकरे जी की स्मृतियाँ और उनके दिखाए मार्ग हम सभी के लिए मार्गदर्शक हैं। उनका जीवन हमें निरंतर सेवा भाव और राष्ट्रहित में कार्य करने की प्रेरणा देता रहेगा।
















