गाँव में बदलाव लाने के लिए दृढ़ संकल्प लें सरपंच : डिप्टी सीएम विजय शर्मा

राज्य स्तरीय महिला सरपंच स्वच्छता सम्मेलन में शामिल हुए उपमुख्यमंत्री
रायपुर। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने महिला सरपंचों का अभिनंदन करते हुए कहा कि भारतीय परंपरा में घर की महिला पूरे परिवार का ध्यान रखती हैं, उसी प्रकार अब आपके गाँव भी आपका परिवार है, जिसके लिए आपको दृढ़ संकल्प के साथ काम करना है।
उन्होंने ज़ोर दिया कि व्यवस्था में परिवर्तन लाकर गाँव को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए ग्रामीणों की आदतों और व्यवहार में बदलाव लाना होगा। गाँव में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए आपको एक सच्चे सेवक के रूप में कार्य करना होगा।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में व्यवहार परिवर्तन और स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से विश्व शौचालय दिवस के अवसर पर नवा रायपुर के एक निजी रिसोर्ट में राज्यस्तरीय महिला सरपंच स्वच्छता सम्मेलन आयोजित किया गया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री शर्मा ने जनपद पंचायतों के सीईओ के कॉन्फ्रेंस का भी शुभारंभ किया।
स्वच्छता: लोगों के व्यवहार में स्थायी परिवर्तन लाने का व्यापक अभियान
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि गाँव के विकास के लिए आप (सरपंच) जो भी निर्माण कार्य करेंगे, वह आपके और गाँव के निवासियों द्वारा ही उपयोग किया जाएगा, इसलिए हम सभी को निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर भी ध्यान देना है। उन्होंने कहा कि लोगों के विचारों को बदलकर अपने गाँव को आदर्श ग्राम बनाना है।
उन्होंने सभी महिला सरपंचों से ‘हमारा शौचालय, हमारा भविष्य’ अभियान के तहत व्यक्तिगत शौचालयों के प्रयोग को प्रोत्साहित करने और उनकी मरम्मत करवाने हेतु ग्रामीणों को प्रेरित करने का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीण स्वच्छता केवल बुनियादी ढाँचे के निर्माण का कार्य नहीं है, बल्कि यह लोगों के व्यवहार में स्थायी परिवर्तन लाने का एक व्यापक अभियान है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों, स्वच्छाग्रहियों और प्रशासनिक टीमों से स्वच्छता की इस यात्रा में सक्रिय भागीदारी देने की अपील की।
देश में पहली बार स्वच्छ पंचायत मानक निर्धारण हेतु टूल एवं डैशबोर्ड
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने छत्तीसगढ़ में स्वच्छ पंचायत सेवा-स्तर के मानक-निर्धारण के लिए नवनिर्मित टूल और डैशबोर्ड का शुभारंभ किया। यह देश का अपनी तरह का पहला प्रयास है, जिसे सभी पंचायतों में एक साथ लागू किया जाएगा।
इस टूल और डैशबोर्ड के माध्यम से पंचायतें अपनी स्वच्छता और जल की स्थिति का आँकड़ा और मूल्यांकन कर सकेंगी। इससे न केवल पंचायत में स्वच्छता एवं जल की स्थिति का पता चलेगा, बल्कि पंचायतें स्वच्छता एवं जल के प्रति अपनी जवाबदेही से भी अवगत होंगी।
हमारा शौचालय, हमारा भविष्य’ अभियान का शुभारंभ
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने ग्रामीण क्षेत्रों में सभी व्यक्तिगत शौचालयों और सामुदायिक शौचालयों के उपयोग को प्रोत्साहित करने तथा उनकी क्रियाशीलता सुनिश्चित करने हेतु ‘हमारा शौचालय, हमारा भविष्य’ अभियान का भी शुभारम्भ किया।
इस अभियान के तहत समुदाय और परिवारों को शौचालयों की नियमित मरम्मत, पेंटिंग और सौंदर्यीकरण के लिए प्रेरित किया जाएगा। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत सामुदायिक व्यवहार परिवर्तन के लिए लगातार जन-जागरूकता हेतु 15 अक्टूबर से 19 नवम्बर 2025 तक ‘स्वच्छ संकल्प अभियान’ का आयोजन किया गया, जिसमें व्यवहार परिवर्तन पर विशेष ज़ोर दिया गया।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारीक, एसबीएम योजना के प्रबंध निदेशक अश्विनी देवांगन, यूनिसेफ की ओर से वरिष्ठ जल एवं स्वच्छता विशेषज्ञ सुजोय मजूमदार, प्रमुख सामाजिक व्यवहार परिवर्तन डेनिश लार्सेन, जल एवं स्वच्छता विशेषज्ञ श्वेता पटनायक, सामाजिक व्यवहार परिवर्तन विशेषज्ञ अभिषेक सिंह सहित अनेक महिला सरपंच उपस्थित रहीं।
















