जशपुर में बाल विवाह के विरुद्ध मुख्यमंत्री साय की बड़ी पहल : जागरूकता रथ को दिखाई हरी झंडी

जशपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले के फरसाबहार स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से ‘बाल विवाह मुक्त जशपुर अभियान’ का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने एक विशेष जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो जिले के कोने-कोने में जाकर लोगों को बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के विरुद्ध जागरूक करेगा।
समाज की सामूहिक भागीदारी पर जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और उनके स्वास्थ्य के साथ एक बड़ा खिलवाड़ है। उन्होंने समाज के हर वर्ग से आह्वान किया कि वे इस बुराई को जड़ से मिटाने के लिए आगे आएं। मुख्यमंत्री ने कहा, “बाल विवाह को रोकना केवल सरकार का काम नहीं है, बल्कि यह हम सबकी साझा जिम्मेदारी है।”
जागरूकता रथ के मुख्य उद्देश्य
यह अभियान रथ जशपुर के शहरी क्षेत्रों से लेकर सुदूर ग्रामीण इलाकों तक भ्रमण करेगा। इसके माध्यम से नागरिकों को निम्नलिखित महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाएंगी:
कानूनी प्रावधान: विवाह की न्यूनतम आयु और बाल विवाह निषेध अधिनियम के कड़े नियमों के बारे में जानकारी।
दुष्परिणाम: समय से पहले विवाह होने से बच्चों पर पड़ने वाले मानसिक और शारीरिक प्रभावों के प्रति सचेत करना।
त्वरित कार्रवाई: समाज में सकारात्मक सोच विकसित करना ताकि लोग खुद आगे बढ़कर ऐसी घटनाओं को रोकें।
1098 हेल्पलाइन: सुरक्षा का कवच
जागरूकता रथ पर चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है। मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की कि यदि उन्हें कहीं भी बाल विवाह की सूचना या आशंका मिले, तो वे तुरंत इस नंबर पर सूचित करें। सूचना मिलते ही प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
कार्यक्रम में उपस्थिति: इस महत्वपूर्ण अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, कमिश्नर श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गा, आईजी श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास और अन्य वरिष्ठ अधिकारी व स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे।
















