भर्ती प्रक्रियाओं में शुचिता और संवेदनशीलता पर मुख्यमंत्री योगी के कड़े निर्देश

उत्तर प्रदेश (एजेंसी)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में विभिन्न भर्ती बोर्डों के अध्यक्षों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी परीक्षाओं की गरिमा, पारदर्शिता और संवेदनशीलता को बनाए रखना था। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य और परीक्षाओं की पवित्रता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी।
परीक्षा प्रणाली के लिए मुख्य दिशा-निर्देश
मुख्यमंत्री ने भर्ती बोर्डों को निम्नलिखित बिंदुओं पर कड़ाई से अमल करने के निर्देश दिए हैं:
आस्था का सम्मान: प्रश्न पत्रों में किसी भी व्यक्ति, जाति, धर्म या संप्रदाय के विरुद्ध अमर्यादित टिप्पणियां पूरी तरह वर्जित होंगी।
पेपर सेटर्स की जवाबदेही: प्रश्न पत्र तैयार करने वाले विशेषज्ञों को स्पष्ट निर्देश दिए जाएं कि वे सामग्री के चयन में पूरी सावधानी बरतें।
दोषियों पर प्रतिबंध: जो विशेषज्ञ या एजेंसियां बार-बार आपत्तिजनक सामग्री शामिल करने जैसी गलतियां करती हैं, उन्हें तत्काल ब्लैकलिस्ट (प्रतिबंधित) किया जाए।
कानूनी बाध्यता: पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रश्न पत्र तैयार करने वाली एजेंसियों के साथ किए जाने वाले एमओयू (MoU) में जवाबदेही और शुचिता की शर्तों को औपचारिक रूप से शामिल किया जाएगा।
किसानों को राहत और वर्षा की समीक्षा
भर्ती प्रक्रियाओं के अलावा, मुख्यमंत्री ने राज्य के पश्चिमी जिलों में हुई बेमौसम बारिश से उत्पन्न स्थिति का भी संज्ञान लिया:
क्षति का आकलन: जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्वयं फील्ड में उतरकर फसलों को हुए नुकसान का जायजा लें।
समयबद्ध मुआवजा: प्रभावित किसानों को त्वरित राहत पहुंचाने के लिए रिपोर्ट तैयार कर मुआवजे के वितरण की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्राथमिकता: मुख्यमंत्री ने दोहराया कि किसानों के हितों की रक्षा करना और उन्हें संकट के समय सहायता प्रदान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।















