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एप्पल जो न कर सका, वो चीनी इंजीनियर ने कर दिखाया : iPhone Air में फिट की फिजिकल सिम ट्रे

न्युज डेस्क (एजेंसी)। एप्पल ने जब इस साल अपनी iPhone 17 सीरीज पेश की, तो उसके सबसे स्लिम मॉडल iPhone Air ने खूब सुर्खियां बटोरीं। इस फोन को इतना पतला बनाया गया था कि कंपनी ने इसमें फिजिकल सिम स्लॉट की जगह सिर्फ e-SIM का ही विकल्प दिया। एप्पल का तर्क था कि फोन के स्लिम डिजाइन की वजह से सिम ट्रे के लिए जगह बनाना मुमकिन नहीं है। लेकिन चीन के एक इंजीनियर ने इस ‘असंभव’ काम को मुमकिन कर दिखाया है।

कैसे हुआ यह अनोखा बदलाव?

चीन के शेन्जेन (Shenzhen) मार्केट के एक इलेक्ट्रॉनिक एक्सपर्ट ने iPhone Air के आंतरिक ढांचे में बड़ा बदलाव किया। इस मॉडिफिकेशन की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

जगह का जुगाड़: इंजीनियर ने फोन के अंदर से Taptic Engine (वाइब्रेशन मोटर) को हटा दिया, जो काफी जगह घेरता था।

नया सेटअप: उसकी जगह एक छोटी वाइब्रेशन मोटर लगाई गई ताकि सिम स्लॉट के लिए स्पेस बन सके।

लोकेशन: फिजिकल सिम ट्रे को चार्जिंग (Type-C) पोर्ट के ठीक बगल में फिट किया गया।

नतीजा: इस बदलाव के बाद फोन में फिजिकल सिम काम करने लगा। हालांकि, वाइब्रेशन की क्वालिटी में थोड़ी कमी जरूर आई, लेकिन सिम फंक्शन पूरी तरह एक्टिव हो गया।

खास बात: रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिम स्लॉट लगाने के बावजूद फोन की IP68 रेटिंग (वॉटर और डस्ट रेजिस्टेंस) बरकरार रही, जो कि तकनीकी रूप से एक बड़ी उपलब्धि है। फोन में 5G नेटवर्क और कॉलिंग भी सुचारू रूप से काम कर रही है।

एप्पल बनाम जुगाड़: क्या कंपनी की मंशा पर सवाल?

सोशल मीडिया पर इस खबर के वायरल होने के बाद बहस छिड़ गई है। यूजर्स का कहना है कि जब एक स्वतंत्र इंजीनियर सीमित संसाधनों में सिम ट्रे फिट कर सकता है, तो एप्पल जैसी दिग्गज कंपनी ऐसा क्यों नहीं कर पाई? लोगों का मानना है कि एप्पल ने शायद तकनीकी मजबूरी के बजाय डिजाइन और लुक्स को अधिक प्राथमिकता दी।

क्या आपको भी अपने आईफोन के साथ ऐसा करना चाहिए?

तकनीकी रूप से यह रोमांचक लग सकता है, लेकिन एक सामान्य यूजर के लिए इसके कई जोखिम हैं:

वारंटी खत्म: फोन के साथ ऐसी किसी भी छेड़छाड़ से एप्पल की वारंटी तुरंत समाप्त हो जाएगी।

खराब होने का डर: आईफोन के इंटरनल पार्ट्स बेहद नाजुक होते हैं; थोड़ी सी चूक फोन को डेड कर सकती है।

e-SIM के फायदे: सुरक्षा के लिहाज से e-SIM ज्यादा बेहतर है, क्योंकि फोन चोरी होने पर सिम को निकाला नहीं जा सकता।

निष्कर्ष: चीनी इंजीनियर का यह प्रयोग यह साबित करता है कि टेक्नोलॉजी में ‘नाममुकिन’ कुछ भी नहीं है, लेकिन सुरक्षा और स्थायित्व के लिए फोन को उसके ओरिजिनल फॉर्म में इस्तेमाल करना ही समझदारी है।

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