‘भारत में निर्मित चिप्स, आत्मनिर्भरता का प्रतीक’ : मुख्यमंत्री साय

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी मार्गदर्शन और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प के तहत, आज भारत ने प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ा है। हाल ही में हुए सेमीकॉन इंडिया 2025 सम्मेलन में, देश के पहले स्वदेशी 32-बिट माइक्रोप्रोसेसर ‘विक्रम’ को लॉन्च किया गया है। यह उपलब्धि भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता और नवाचार क्षमता का एक बड़ा सबूत है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि ‘विक्रम’ पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक पर आधारित है। इसे विशेष रूप से भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के प्रक्षेपण यानों के लिए बनाया गया है। इससे न सिर्फ भारत की अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी मजबूत होगी, बल्कि वैश्विक मंच पर भी भारत अपनी तकनीकी श्रेष्ठता साबित करेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस सफलता को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की मजबूत इच्छाशक्ति और निर्णायक नेतृत्व का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में भारत ने अर्धचालक निर्माण (सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग) के क्षेत्र में बहुत तेजी से प्रगति की है, जो ‘विकसित भारत’ की राह में एक महत्वपूर्ण कदम है।
श्री साय ने यह भी कहा कि यह उपलब्धि भारत के युवा इंजीनियरों और वैज्ञानिकों की कड़ी मेहनत का नतीजा है। ‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर का निर्माण यह दिखाता है कि भारत अब सिर्फ उपभोक्ता नहीं, बल्कि निर्माता और वैश्विक तकनीकी नेतृत्वकर्ता के रूप में उभर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सफलता ‘डिजिटल इंडिया’, ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे अभियानों को और गति देगी। यह स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर सिर्फ अंतरिक्ष अनुसंधान ही नहीं, बल्कि रक्षा, संचार और अन्य उच्च तकनीकी क्षेत्रों में भी बहुत उपयोगी साबित होगा। यह भारत को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सफलता ‘स्वर्णिम भारत’ की नई पहचान है और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
















