छत्तीसगढ़

सांस्कृतिक धरोहर संग्रहालय : मुख्यमंत्री साय ने छात्र-छात्राओं के लिए इस अनूठी पहल को सराहा

रायपुर। रायपुर के वीआईपी रोड स्थित बीएसएस प्रणवानंद स्कूल में हाल ही में एक विशेष गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन हुआ। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विद्यालय परिसर का दौरा कर वहां स्थापित ‘कल्चरल एंड हेरिटेज म्यूजियम’ (सांस्कृतिक एवं विरासत संग्रहालय) का अवलोकन किया।

कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने भारत माता और विद्यालय के संस्थापक स्वामी प्रणवानंद की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।

विरासत और इतिहास का जीवंत संगम

संग्रहालय के भ्रमण के दौरान विद्यालय के सचिव स्वामी शिवरूपानंद जी महाराज ने मुख्यमंत्री को प्रदर्शित विभिन्न कलाकृतियों और सूचनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने इस दौरान गहरी रुचि दिखाते हुए निम्नलिखित पहलुओं का अवलोकन किया:

स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास: देश की आजादी के नायकों के बलिदान की गाथाएं।

ऋषि-मुनियों का योगदान: प्राचीन भारत के वैज्ञानिकों और चिंतकों जैसे सुश्रुत, कणाद, आर्यभट्ट और महर्षि वेदव्यास की प्रतिमाएं।

समाज सुधारक: स्वामी विवेकानंद, राजा राममोहन राय और महर्षि दयानंद जैसे महापुरुषों के जीवन संदेश।

वीर सेनानी: रानी लक्ष्मीबाई, पृथ्वीराज चौहान और भगवान बिरसा मुंडा जैसी विभूतियों के गौरवशाली इतिहास का प्रदर्शन।

नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ अपनी समृद्ध सभ्यता और आध्यात्मिक परंपराओं से जोड़ना अनिवार्य है। उन्होंने जोर देकर कहा:

“हमारी संस्कृति अत्यंत प्राचीन और गौरवशाली है। ऋषियों और महापुरुषों के त्याग से बनी इस विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाना एक सराहनीय कार्य है। यह संग्रहालय बच्चों में राष्ट्र के प्रति गर्व और नैतिक मूल्यों को विकसित करने में एक प्रेरणादायक भूमिका निभाएगा।”

सम्मान और सहभागिता

इस अवसर पर स्वामी शिवरूपानंद जी महाराज ने मुख्यमंत्री को स्मृति-चिन्ह और शॉल भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में स्कूल की प्राचार्या श्रीमती आनन्दिता घोष, शिक्षकगण और बड़ी संख्या में उत्साहित छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

यह संग्रहालय न केवल एक प्रदर्शनी है, बल्कि ज्ञान का वह केंद्र है जो भावी पीढ़ी को भारत के स्वर्णिम अतीत और मानवीय कल्याण के कार्यों से परिचित कराता है।

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